गोंडा: उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में मुकदमे की विवेचना में लापरवाही और पक्षपात के आरोप में पुलिस अधीक्षक अभिषेक ने कार्रवाई की है। मोतीगंज थाने में तैनात उपनिरीक्षक अखिलेश कुमार पांडेय को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। प्रारंभिक जांच में विवेचना के दौरान महत्वपूर्ण साक्ष्यों की अनदेखी और नियमों के विपरीत कार्रवाई किए जाने की बात सामने आई है। एसपी ने मामले में विभागीय जांच के आदेश भी दिए हैं।
शिकायत के बाद शुरू हुई मामले की जांच
पूरा मामला मोतीगंज थाने में दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 192/2026 से जुड़ा है। यह मुकदमा भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 85, 74, 115(2) और 352 के तहत दर्ज किया गया था। मामले की विवेचना उपनिरीक्षक अखिलेश कुमार पांडेय कर रहे थे।
विवेचना में अनियमितता और पक्षपात की शिकायत मिलने के बाद प्रारंभिक जांच अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी को सौंपी गई। जांच रिपोर्ट में विवेचक की कार्यप्रणाली में कई खामियां सामने आने की बात कही गई।
इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों और लोकेशन की नहीं हुई पूरी जांच
प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के अनुसार, विवेचना के दौरान महत्वपूर्ण इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों और लोकेशन संबंधी जानकारियों की पूरी तरह पड़ताल नहीं की गई। आरोप है कि साक्ष्यों का उचित परीक्षण किए बिना ही जल्दबाजी में आरोप पत्र तैयार कर न्यायालय भेज दिया गया।
इसके अलावा मामले को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करने और वादिनी को अनुचित लाभ पहुंचाने की नीयत से कार्रवाई करने के आरोप भी सामने आए हैं।
वादिनी को दोबारा प्रार्थना पत्र देने के लिए प्रेरित करने का आरोप
जांच में यह आरोप भी सामने आया कि उपनिरीक्षक ने वादिनी को दोबारा प्रार्थना पत्र देकर उच्च अधिकारियों के सामने मामला रखने के लिए प्रेरित किया था। प्रारंभिक जांच में इस आचरण को पुलिस विभाग के नियमों और कार्यशैली के विपरीत माना गया।
एसपी ने किया निलंबित, विभागीय जांच के आदेश
प्रारंभिक जांच में कर्तव्य के प्रति लापरवाही, पक्षपातपूर्ण कार्रवाई और अनुशासनहीनता के संकेत मिलने के बाद एसपी अभिषेक ने उपनिरीक्षक अखिलेश कुमार पांडेय को निलंबित कर दिया है। साथ ही उनके खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू करा दी गई है।
पुलिस अधीक्षक अभिषेक के मुताबिक, विभागीय जांच की रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिले में विवेचना के दौरान किसी भी तरह की लापरवाही या पक्षपात बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। एसपी ने अन्य विवेचकों को भी निर्देश दिए हैं कि वे प्रत्येक मामले की जांच निष्पक्षता से करें और सभी उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करें।