शाहजहांपुर। पुलिस लाइंस में शुक्रवार सुबह का नजारा किसी फिल्मी सीन से कम नहीं था। पीली टेप से घेरा गया क्राइम सीन, बीच में स्ट्रेचर पर घायल जवान और उसे बचाने में जुटे डायल 112 के कर्मी। दूसरी तरफ रस्सी के सहारे हाथों के बल ऊपर चढ़ते जवान। पुलिस की फुर्ती और तैयारी को खुद एसपी सौरभ दीक्षित ने परखा।
कराया गया अभ्यास
एसपी ने पुलिसकर्मियों की फिटनेस और आपात स्थिति से निपटने की तैयारी के लिए यह अभ्यास कराया। उन्होंने देखा कि घटना स्थल पर पहुंचने के बाद पुलिस घायल को कैसे शिफ्ट करती है और सबूतों को कैसे सुरक्षित रखती है। जहां रिस्पांस टाइम में कमी मिली, उसे तुरंत सुधारने के निर्देश दिए।
एसपी ने कहा कि अपराधी से निपटने के लिए फिट रहना ही सबसे बड़ा हथियार है। इसके लिए रोज अभ्यास जरूरी है। उन्होंने कहा, जो जवान फिट रहेगा, वही अपराधी को दौड़ाकर पकड़ सकेगा। स्मार्ट पुलिसिंग की पहली शर्त फिटनेस है और दूसरी शर्त रिस्पांस है। मौके पर पहले जान बचानी है, फिर सबूत जुटाने हैं।
टीम ने किया सम्मानित
इस दौरान एसपी ने सराहनीय काम करने वाली डायल 112 टीम को सम्मानित भी किया। 17 अक्टूबर को मिर्जापुर में नदी में कूदकर आत्महत्या का प्रयास कर रही युवती को कमांडर नितिन कुमार, महिला आरक्षी नीशु और होमगार्ड मुंशीलाल ने नदी से निकालकर अस्पताल पहुंचाया था। उनकी तत्परता से युवती की जान बच गई थी।
अभ्यास के बाद एसपी ने पुलिस लाइंस परिसर का निरीक्षण किया और व्यवस्थाओं को और बेहतर करने के निर्देश दिए। इस मौके पर सीओ सिटी देवव्रत वाजपेयी समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।