अमरोहा: फार्म हाउस कांड में खाकी की भूमिका पर उठे सवाल, यूपी पुलिस के दो पुलिसकर्मी सस्पेंड

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अमरोहा। हसनपुर में सामने आए दुष्कर्म के मामले ने उत्तर प्रदेश पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हरियाणा की एक युवती से फार्म हाउस में दुष्कर्म के आरोप में हसनपुर कोतवाली के दरोगा संजय तोमर और सिपाही प्रमोद को निलंबित किया गया है। प्रकरण में सीआरपीएफ के निरीक्षक लालाराम यादव और हेड कांस्टेबल मोहित के खिलाफ भी कार्रवाई हुई है।

घटना के बाद पुलिस महकमे ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है। घटनास्थल को सुरक्षित रखते हुए वहां से साक्ष्य जुटाए गए हैं। पुलिस ने आरोपितों और युवती के कपड़ों को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा है। डीएनए जांच की रिपोर्ट आने के बाद मामले में सामने आए आरोपों से जुड़े कई तथ्य स्पष्ट हो सकते हैं।

पहले साथ पहुंचे, फिर जांच के घेरे में आए पुलिसकर्मी

पुलिस के मुताबिक, युवती को सीआरपीएफ के हेड कांस्टेबल मोहित फार्म हाउस लेकर पहुंचा था। उसके साथ सीआरपीएफ निरीक्षक लालाराम यादव भी था। इसके बाद हसनपुर कोतवाली में तैनात दरोगा संजय तोमर और सिपाही प्रमोद के वहां पहुंचने की बात सामने आई।

घटना के बाद युवती की ओर से पुलिस को सूचना दिए जाने पर मामला खुला। इसके बाद चारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई और गिरफ्तारी की कार्रवाई की गई।

कोतवाली के दो कर्मचारियों पर विभागीय कार्रवाई

मामले में हसनपुर पुलिस की भूमिका सामने आने के बाद विभाग ने दरोगा संजय तोमर और सिपाही प्रमोद को निलंबित कर दिया। अधिकारियों का कहना है कि पूरे प्रकरण की जांच वरिष्ठ अधिकारी की निगरानी में कराई जाएगी।

एसपी लखन सिंह यादव ने बताया कि विवेचना के दौरान जरूरत पड़ने पर आरोपितों को पुलिस कस्टडी रिमांड पर भी लिया जा सकता है। पुलिस फिलहाल बयानों और घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों का मिलान कर रही है।

जांच के दौरान रजबपुर में तैनात दरोगा नरेशपाल राणा की भूमिका का भी जिक्र सामने आया है। आरोप है कि उन्होंने फार्म हाउस के केयरटेकर से फोन पर संपर्क किया था और युवती के वहां ठहरने की व्यवस्था कराने को कहा था।

इस बिंदु की भी जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर संबंधित लोगों की भूमिका तय होगी।

कमरे सील, फार्म हाउस पर पुलिस का पहरा

घटना के बाद फार्म हाउस के उन कमरों को बंद कर दिया गया है जहां युवती और आरोपितों के ठहरने की बात सामने आई है। मौके पर पुलिसकर्मियों की तैनाती भी की गई है, ताकि घटनास्थल से जुड़े साक्ष्यों के साथ किसी तरह की छेड़छाड़ न हो।

फिलहाल पुलिस की नजर फोरेंसिक रिपोर्ट और आरोपितों व पीड़िता के बयानों पर है। इन्हीं के आधार पर विवेचना आगे बढ़ेगी।

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