लखनऊ। उत्तर प्रदेश पुलिस विभाग में आरक्षी पद पर कार्यरत वर्ष 2025 बैच के चयनित आरक्षियों ने उपनिरीक्षक (SI) पद पर चयन के बाद आरक्षी पद से मुक्त किए जाने पर वेतन और प्रशिक्षण पर खर्च हुई धनराशि की वसूली से छूट देने की मांग की है। इस संबंध में आरक्षियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजकर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का अनुरोध किया है।
सीएम से कहा ये
मुख्यमंत्री को संबोधित पत्र में आरक्षियों ने बताया कि वे उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा आयोजित उपनिरीक्षक भर्ती परीक्षा में सफल हुए हैं। उन्होंने अपना प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है और वर्तमान में ड्यूटी पर कार्यरत हैं। आरक्षियों का कहना है कि उन्होंने नियमानुसार सक्षम प्राधिकारी से अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त करने के बाद ही उपनिरीक्षक भर्ती परीक्षा में हिस्सा लिया था।

पत्र में कहा गया है कि उपनिरीक्षक पद पर चयन के बाद आरक्षी पद से मुक्त होने की स्थिति में ड्यूटी कार्यकाल के दौरान मिले समस्त वेतन और प्रशिक्षण पर हुए खर्च की भारी राशि वापस करने का प्रावधान उनके लिए बड़ी समस्या बन रहा है। आरक्षियों ने बताया कि वे सामान्य और मध्यमवर्गीय परिवारों से आते हैं। ऐसे में इतनी बड़ी धनराशि की वापसी करना उनके लिए संभव नहीं है।
छूट की मांग
आरक्षियों ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है कि उपनिरीक्षक पद पर चयनित उन सभी आरक्षियों को, जिन्होंने नियमानुसार अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त कर परीक्षा में सफलता हासिल की है, आरक्षी पद के कार्यकाल में मिले वेतन और प्रशिक्षण व्यय की पुनर्भुगतान (वापसी) की बाध्यता से पूरी तरह मुक्त किया जाए अथवा उन्हें उचित छूट प्रदान की जाए।