जंतर-मंतर प्रदर्शन मामले में बड़ी कार्रवाई, डीजीपी की निगरानी में दो पुलिसकर्मी निलंबित

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नोएडा में जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन में शामिल गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय (जीबीयू) के छात्र अक्षत त्रिपाठी को सुप्रीम कोर्ट की रोक के बावजूद नोटिस जारी किए जाने के मामले में पुलिस विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है। प्रकरण में नोएडा के एसीपी (कार्यपालक मजिस्ट्रेट-तृतीय) डॉ. रवि शंकर मिश्रा और एक दरोगा को निलंबित कर दिया गया है। मामले की जांच के भी आदेश दिए गए हैं। सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट को पुलिसकर्मियों पर की गई कार्रवाई की जानकारी दी गई है।

ये है मामला 

दरअसल, पेपर लीक के मुद्दे को लेकर सीजेपी की ओर से 20 से 25 जुलाई तक दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया गया था। इस प्रदर्शन में देशभर से बड़ी संख्या में युवाओं ने हिस्सा लिया था। सरकार से बातचीत के बाद प्रदर्शन समाप्त कर दिया गया था। इसके बाद प्रदर्शन में शामिल कुछ युवाओं के खिलाफ कार्रवाई किए जाने के मामले सामने आए।

इसी क्रम में चार सितंबर को नोएडा के एसीपी डॉ. रवि शंकर मिश्रा की ओर से झांसी निवासी जीबीयू छात्र अक्षत त्रिपाठी को शांति भंग की आशंका समेत अन्य धाराओं के तहत पांच लाख रुपये के मुचलके का नोटिस जारी किया गया था। मामला सामने आने के बाद प्रदर्शन से जुड़े लोगों ने कार्रवाई पर सवाल उठाए।

प्रकरण सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचने के बाद पुलिस विभाग ने इसे गंभीरता से लिया। सुप्रीम कोर्ट की रोक के बावजूद नोटिस जारी किए जाने को लेकर जिम्मेदारी तय करते हुए एसीपी डॉ. रवि शंकर मिश्रा और संबंधित दरोगा को निलंबित कर दिया गया।

जवाबदेही हुई तय

पुलिस विभाग की इस कार्रवाई को अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को भी कार्रवाई से अवगत कराया है। साथ ही पूरे मामले की जांच के निर्देश दिए गए हैं, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि न्यायालय के आदेश के बावजूद नोटिस जारी करने की स्थितिकैसे बनी।

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