कौशांबी में पटाखा फैक्ट्री में हुए जानलेवा धमाके के बाद पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। 11 लोगों की जान लेने वाले इस हादसे के मुख्य आरोपी नौशाद अली को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए टीम पर गोली चलाई थी। जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी।
ये है मामला
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, यह कार्रवाई मंगलवार यानी 1 सितंबर की तड़के करीब 4 बजे चरवा थाना क्षेत्र में हुई। पुलिस को सूचना मिली थी कि पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट का आरोपी 13 मील-सराय अक़ील मार्ग से निकलने की कोशिश में है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम ने तुरंत इलाके में पहुंचकर संदिग्ध रास्ते की घेराबंदी शुरू कर दी।
पुलिस का कहना है कि घेराबंदी के दौरान आरोपी ने टीम को देखकर फायरिंग कर दी। इसके बाद पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की। इसी दौरान नौशाद के पैर में गोली लगी और वह घायल हो गया। पुलिस ने मौके से उसे हिरासत में लिया और इलाज के लिए जिला अस्पताल मंझनपुर भेजा।
पुलिस की इस कार्रवाई में स्थानीय पुलिस के साथ एसओजी की टीम भी शामिल थी। अधिकारियों के मुताबिक, घायल आरोपी से पूछताछ की जा रही है। जांच का फोकस अब इस बात पर है कि पटाखा फैक्ट्री में हुए विस्फोट के मामले में नौशाद के अलावा और कौन-कौन लोग शामिल थे।
31 को हुआ था धमाका
दरअसल, 31 अगस्त को पिपरी थाना क्षेत्र के महमतपुर मनौरी गांव स्थित पटाखा फैक्ट्री में अचानक जोरदार धमाका हुआ था। विस्फोट के बाद फैक्ट्री में आग फैल गई और 11 लोगों की मौत हो गई। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंची थीं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए चार टीमों का गठन किया था। इसके बाद से पुलिस लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही थी। अब मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस बाकी संदिग्धों की तलाश और पूरे मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।