उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में एक 10 वर्षीय बच्ची की हत्या ने पूरे शहर को झकझोर दिया है। आरोप एक डायल-100 में तैनात सिपाही पर है, जिसने कथित तौर पर बच्ची को घर छोड़ने का भरोसा दिलाकर अपने साथ ले गया। बच्ची के लापता होने के बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाली, जिससे आरोपी तक पहुंचना संभव हुआ। पूछताछ के दौरान मिले सुरागों के आधार पर गुरुवार तड़के चिलुआताल क्षेत्र के श्मशान घाट से बच्ची का शव बरामद किया गया।
ये है मामला
जानकारी के मुताबिक, बच्ची का परिवार कई वर्षों से गोरखपुर में रह रहा है। उसकी बड़ी बहन जिला अस्पताल में भर्ती थी। मंगलवार रात छोटी बहन उसके लिए खाना लेकर अस्पताल पहुंची थी। बहन से मिलने के बाद वह अकेले घर लौट रही थी, लेकिन रास्ते में लापता हो गई। देर रात तक घर नहीं पहुंचने पर परिजनों ने पहले अपने स्तर पर तलाश की और फिर पुलिस को सूचना दी।
जांच में अस्पताल परिसर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज अहम साबित हुई। फुटेज में एक वर्दीधारी व्यक्ति बच्ची को बाइक पर बैठाकर ले जाता दिखाई दिया। पुलिस ने उसकी पहचान डायल-100 में तैनात सिपाही अभिषेक यादव के रूप में की और उसे हिरासत में ले लिया। पूछताछ के बाद पुलिस टीम ने कई स्थानों पर तलाश अभियान चलाया, जिसके बाद बच्ची का शव बरामद हुआ।
हो रही जांच
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी का नाम पहले भी एक आपराधिक मामले में सामने आ चुका है। अधिकारियों का कहना है कि पूरे घटनाक्रम की गहन जांच की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, क्योंकि आरोप खुद कानून की रक्षा करने वाले एक पुलिसकर्मी पर लगा है।