सावन में निकलने वाली कांवड़ यात्रा को लेकर उत्तर प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन ने कमर कस ली है। इस बार यात्रा के दौरान भीड़ नियंत्रण, यातायात प्रबंधन और श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए व्यापक रणनीति तैयार की गई है। पुलिस ने साफ कर दिया है कि यात्रा के दौरान नियमों का पालन करना सभी के लिए जरूरी होगा।
एडीजी ने दी जानकारी
एडीजी भानु भास्कर ने बताया कि कांवड़ यात्रा को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए प्रदेश के अलग-अलग जिलों में बड़ी संख्या में पुलिस बल लगाया जा रहा है। करीब 60 हजार से ज्यादा आरक्षी और लगभग 5,500 सब-इंस्पेक्टर यात्रा मार्गों पर जिम्मेदारी संभालेंगे। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए पुलिसकर्मियों को विशेष प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।
इस बार प्रशासन का फोकस सिर्फ भीड़ संभालने तक सीमित नहीं है, बल्कि श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी है। अधिकारियों के मुताबिक, कांवड़ यात्रियों को पुराने और निर्धारित मार्गों से ही गुजरने की सलाह दी गई है। नए एक्सप्रेसवे पर कांवड़ यात्रा की अनुमति नहीं होगी, क्योंकि वहां सुरक्षा और यातायात प्रबंधन को लेकर अलग व्यवस्था लागू है।
यात्रा मार्गों पर चिकित्सा सुविधा, एंबुलेंस, साफ-सफाई और प्रकाश व्यवस्था को लेकर भी तैयारी की गई है। वहीं प्रमुख शिव मंदिरों में सुरक्षा के लिए अतिरिक्त इंतजाम किए गए हैं। जलाशयों और नदियों के आसपास किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए रेस्क्यू टीमों को तैनात किया जाएगा।
पुलिस ने यात्रा के दौरान अनुशासन बनाए रखने के लिए कई नियम भी तय किए हैं। कांवड़ की ऊंचाई और चौड़ाई निर्धारित सीमा में रखनी होगी। इसके अलावा तेज आवाज वाले साउंड सिस्टम, आपत्तिजनक गीतों और धार्मिक भावनाएं भड़काने वाली सामग्री पर रोक रहेगी।
महिला पुलिसकर्मी भी होंगी तैनात
महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए अलग से महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी। वहीं सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों और भ्रामक सूचनाओं पर नजर रखने के लिए विशेष निगरानी तंत्र तैयार किया गया है। प्रशासन का कहना है कि इस बार कांवड़ यात्रा को शांतिपूर्ण तरीके से पूरा कराना प्राथमिकता है। पुलिस और अन्य विभागों के बीच बेहतर तालमेल के जरिए यात्रा को सुरक्षित बनाने की तैयारी की जा रही है।