मेरठ के देहलीगेट थाने में तैनात एक दारोगा की टिप्पणी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। गली में गेट खोलने के विवाद को लेकर थाने पहुंचे पीड़ित को सलाह देते हुए दारोगा विनय कुमार ने प्रशासनिक अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस विभाग में भी चर्चा शुरू हो गई है।
वायरल हुआ वीडियो
वायरल वीडियो में दारोगा विनय कुमार पीड़ित वसीम से बातचीत करते हुए उसे मामले की शिकायत एसडीएम से करने की बात कहते नजर आ रहे हैं। इस दौरान दारोगा ने प्रशासनिक अधिकारियों पर टिप्पणी करते हुए कहा कि वे मोटी-मोटी तनख्वाह लेते हैं और एसी में बैठते हैं। इसके बाद उन्होंने थाने की ओर इशारा करते हुए कहा कि यहां देखो कहीं एसी लगा है क्या। उन्होंने नाले की खुदाई का उदाहरण देते हुए कहा कि उसे भी सही नहीं कराया जा पा रहा है।
दारोगा की इस टिप्पणी का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। हालांकि, पुलिस अधिकारियों की ओर से अभी इस मामले में दारोगा की टिप्पणी को लेकर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
इस मामले से हुआ था विवाद
दरअसल, देहलीगेट थाना क्षेत्र में जैन धर्मशाला के सामने गली में गेट खोलने को लेकर निजामुद्दीन उर्फ कलवा और मोहम्मद वसीम पक्ष के बीच विवाद चल रहा था। आरोप है कि गेट खोलने को लेकर दोनों पक्षों में विवाद बढ़ गया और मामला थाने तक पहुंच गया। बाद में स्थानीय लोगों और महिलाओं के शामिल होने से स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
विवाद ने सांप्रदायिक रूप लेने की आशंका के बाद पुलिस प्रशासन सक्रिय हुआ। सीओ कोतवाली संग्राम सिंह समेत कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाकर शांत कराया। पुलिस की मौजूदगी में विवादित गेट को बंद कराया गया।
मामले में एसपी सिटी विनायक भोसले ने बताया कि पूरे प्रकरण की रिपोर्ट एसएसपी को दी जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि थाना प्रभारी अतुल कुमार की ओर से पहले मामले को केवल दो मुस्लिम पक्षों के बीच का विवाद बताया गया था, जबकि बाद में इसमें अन्य लोग भी जुड़े पाए गए। पुलिस अब पूरे मामले की जांच कर रही है।