मेरठ। एक वारंटी आरोपी को हिरासत में लेने के बाद कथित रूप से पैसे लेकर छोड़ने के आरोप में पुलिस विभाग के दो कर्मचारियों पर कार्रवाई की गई है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर दर्ज मुकदमे के बाद दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया।
ये है मामला
बताया गया है कि 12 जून को पुलिस टीम गैर-जमानती वारंट से संबंधित कार्रवाई के लिए रेलवे रोड क्षेत्र में पहुंची थी। टीम में नौचंदी थाने के उपनिरीक्षक अनूप कुमार और रेलवे रोड क्षेत्र के बीट प्रभारी हेड कांस्टेबल दिनेश कुमार शामिल थे। पुलिस ने वारंटी रिहान को पकड़कर चौकी लाया था।
आरोप है कि गिरफ्तारी के बाद आरोपी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई आगे नहीं बढ़ाई गई। इसके बजाय उसे बिना किसी वैधानिक प्रक्रिया के जाने दिया गया। मामले की जानकारी सार्वजनिक नहीं हुई और घटना विभागीय रिकॉर्ड में भी दर्ज नहीं की गई।
कुछ दिनों बाद आरोपी की मां रिहाना ने वरिष्ठ अधिकारियों से शिकायत की। उनका आरोप था कि उनके बेटे को कई बार पकड़ा जाता है और फिर धन लेकर छोड़ दिया जाता है। शिकायत मिलने के बाद पूरे प्रकरण की गोपनीय जांच कराई गई।
मुकदमा भी हुआ दर्ज
जांच रिपोर्ट में दोनों पुलिसकर्मियों की भूमिका संदिग्ध मिलने पर उनके खिलाफ रेलवे रोड थाने में भ्रष्टाचार और कर्तव्य में लापरवाही से जुड़े आरोपों के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। इसके बाद दोनों को हिरासत में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून के पालन में किसी भी प्रकार की अनियमितता या भ्रष्ट आचरण स्वीकार नहीं किया जाएगा। विभाग की छवि को नुकसान पहुंचाने वाले कर्मियों के खिलाफ भविष्य में भी सख्त कदम उठाए जाएंगे।