लखनऊ में खुद को आईपीएस अधिकारी बताकर लोगों पर धौंस जमाने वाले एक शख्स की हकीकत सामने आ गई। महानगर इलाके में पुलिस ने एक ऐसे व्यक्ति को हिरासत में लिया, जो फर्जी पहचान के सहारे अपना रसूख दिखा रहा था। हैरानी की बात यह है कि उसकी पोल किसी बड़े ऑपरेशन से नहीं, बल्कि 40 रुपये के बन को लेकर हुए विवाद के बाद खुली।
खुद को बताया आईपीएस
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आरोपी ने एक दुकान से बन लिया, लेकिन भुगतान करने के बजाय खुद को नोएडा में तैनात आईपीएस अधिकारी बताने लगा। जब दुकानदार ने पैसे मांगे तो उसने रौब दिखाते हुए वहां से निकलने की कोशिश की। मामले की सूचना स्थानीय पुलिस तक पहुंची, जिसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची।
पुलिस के सामने भी आरोपी का रवैया नहीं बदला। उसने खुद को वरिष्ठ अधिकारी बताते हुए पुलिसकर्मियों पर दबाव बनाने की कोशिश की और उनसे सम्मानजनक व्यवहार की मांग करने लगा। लेकिन बातचीत के दौरान पुलिस को उसके दावों पर संदेह हुआ। जब उससे आधिकारिक पहचान पत्र और तैनाती से जुड़ी जानकारी मांगी गई तो वह कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सका।
जांच में सामने आया ये
इसके बाद उसे थाने ले जाकर पूछताछ की गई, जहां उसके दावों की परतें खुलने लगीं। जांच में सामने आया कि वह किसी भी सरकारी सेवा में नहीं है और आईपीएस अधिकारी होने का दावा पूरी तरह झूठा था। आरोपी की पहचान मिथिलेश शुक्ला के रूप में हुई है।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि उसने फर्जी आईपीएस बनकर पहले भी किसी को गुमराह किया है या नहीं। फिलहाल उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। यह मामला दिखाता है कि झूठे रसूख का सहारा लेकर लोगों को प्रभावित करने की कोशिश कब और कैसे उलटी पड़ सकती है।