लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुलिस रेडियो व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा करते हुए प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए कई अहम निर्देश दिए। बैठक में उन्होंने पुलिस संचार प्रणाली को आधुनिक और अधिक सुरक्षित बनाने पर विशेष जोर दिया। सीएम योगी ने कहा कि गोपनीय सूचनाओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की तकनीकी सेंधमारी को सख्ती से रोका जाए।
सीएम ने दिए निर्देश
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि थानों की सीसीटीवी मॉनिटरिंग के लिए एक सेंट्रल डैशबोर्ड तैयार किया जाए, जिससे पूरे प्रदेश की पुलिस व्यवस्था की रियल टाइम निगरानी संभव हो सके। इससे न केवल अपराध नियंत्रण में मदद मिलेगी बल्कि जवाबदेही भी बढ़ेगी।
बैठक में जानकारी दी गई कि प्रदेश के 12 जिलों में डिजिटल वायरलेस सेवा शुरू की जाएगी, जिससे पुलिस संचार प्रणाली अधिक तेज और प्रभावी होगी। इस परियोजना के लिए लगभग 47 करोड़ रुपये की कार्ययोजना तैयार की गई है। वहीं, रिवर्स ऑक्शन प्रक्रिया के जरिए 1.23 करोड़ रुपये की बचत भी की गई है, जिसे एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
की जाएगी जांच
सीएम योगी ने रेडियो कार्मिकों की चरित्र पंजिका के सत्यापन पर भी चर्चा की और निर्देश दिए कि पुलिस विभाग में कार्यरत सभी कर्मियों की पृष्ठभूमि की जांच पूरी पारदर्शिता के साथ की जाए। इससे विभाग की कार्यप्रणाली में और अधिक विश्वसनीयता आएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आधुनिक तकनीक का उपयोग पुलिसिंग को मजबूत करने में किया जाए और डिजिटल सिस्टम को हर स्तर पर लागू किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि जनता की सुरक्षा और कानून व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ काम करें।