उत्तर प्रदेश पुलिस मुख्यालय, लखनऊ में 48वें आईपीएस इंडक्शन ट्रेनिंग कोर्स के तहत आयोजित स्टडी-कम-कल्चरल टूर के दौरान आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, तेलंगाना, मिजोरम और मणिपुर कैडर के 10 प्रशिक्षु आईपीएस अधिकारियों ने पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्णा से मुलाकात की। इस दौरान अधिकारियों को उत्तर प्रदेश पुलिस की कार्यप्रणाली, आधुनिक पुलिसिंग व्यवस्था और जनसेवा से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी गई।
डीजीपी ने कहा ये
डीजीपी राजीव कृष्ण ने प्रशिक्षु अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान समय में पुलिसिंग केवल अपराध होने के बाद कार्रवाई तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि “प्रोएक्टिव, प्रिवेंटिव और प्रेडिक्टिव पुलिसिंग” की दिशा में कार्य करना बेहद आवश्यक है। उन्होंने कहा कि तकनीक, खुफिया तंत्र और सामुदायिक सहभागिता के बेहतर समन्वय से संभावित जोखिमों की पहले पहचान कर अपराधों को रोका जा सकता है। उन्होंने अधिकारियों को जनता के साथ संवेदनशील व्यवहार और सेवा भावना के साथ कार्य करने की सीख भी दी।
इस अवसर पर अधिकारियों को प्रयागराज महाकुंभ-2025 के दौरान उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा किए जा रहे सुरक्षा और यातायात प्रबंधन संबंधी इंतजामों की विस्तृत जानकारी भी दी गई। डीजी रेलवे प्रकाश ने महाकुंभ जैसे विशाल धार्मिक आयोजन में भीड़ प्रबंधन, रेलवे सुरक्षा, आपदा प्रबंधन और तकनीकी निगरानी से जुड़ी व्यवस्थाओं पर प्रस्तुति दी।
ट्रेनी आईपीएस अफसरों को मिली सीख
प्रशिक्षु आईपीएस अधिकारियों ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ विभिन्न पुलिसिंग प्रक्रियाओं, कानून-व्यवस्था बनाए रखने की रणनीतियों और आधुनिक तकनीकों के उपयोग पर संवाद भी किया। इस अध्ययन दौरे का उद्देश्य युवा अधिकारियों को विभिन्न राज्यों की पुलिस व्यवस्था, नेतृत्व क्षमता और जनसेवा की भावना से परिचित कराना है, ताकि वे भविष्य में प्रभावी और संवेदनशील पुलिस अधिकारी बन सकें।