मेरठ में भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पल्लवपुरम थाने में तैनात दरोगा छत्रपाल सिंह को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। आरोपी दरोगा 2023 बैच का बताया जा रहा है और उसकी गिरफ्तारी के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।
ये था मामला
जानकारी के मुताबिक, छत्रपाल सिंह एक पुराने एनडीपीएस एक्ट के मुकदमे में राहत दिलाने और केस को सेटल करने के नाम पर शिकायतकर्ता से मोटी रकम की मांग कर रहा था। शिकायतकर्ता, जो मेडिकल थाना क्षेत्र का निवासी है, इस दबाव से परेशान होकर एंटी करप्शन ब्यूरो पहुंचा और पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद टीम ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया।
बताया गया कि दरोगा अपने कमरे, जो पल्लवपुरम थाने की तीसरी मंजिल पर स्थित है, वहीं रिश्वत की रकम ले रहा था। जैसे ही शिकायतकर्ता ने उसे 10 हजार रुपये दिए, पहले से मौजूद एंटी करप्शन टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उसे मौके पर ही दबोच लिया। गिरफ्तारी की इस कार्रवाई से थाने के अंदर अफरातफरी का माहौल बन गया।
बरेली का है निवासी
आरोपी दरोगा मूल रूप से बरेली जिले के मीरगंज क्षेत्र के ग्राम लाभेड़ा दुर्गाप्रसाद का रहने वाला है। वर्तमान में उसकी तैनाती पल्लवपुरम थाने में थी। गिरफ्तारी के बाद उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर कंकरखेड़ा थाने में वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
मेरठ में हाल के दिनों में पुलिसकर्मियों के खिलाफ एंटी करप्शन की लगातार हो रही कार्रवाई से विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। यह घटना न केवल पुलिस की छवि पर असर डाल रही है, बल्कि ईमानदारी और अनुशासन को लेकर भी गंभीर चिंता पैदा कर रही है।