लखनऊ। उत्तर प्रदेश पुलिस की सख्त और परिणामकारी कार्यशैली एक बार फिर सुर्खियों में है। योगी सरकार की अपराधियों पर जीरो टॉलरेंस नीति के तहत सहारनपुर में देर रात हुई पुलिस मुठभेड़ में ₹1 लाख का इनामी बदमाश इमरान ढेर हो गया। इमरान मेरठ, मुजफ्फरनगर, शामली और सहारनपुर पुलिस के लिए लंबे समय से सिरदर्द बना हुआ था। उस पर लूट, डकैती, गैंगस्टर एक्ट समेत 13 से अधिक गंभीर मुकदमे दर्ज थे।
ऐसे हुई मुठभेड़
पुलिस को शनिवार देर रात सूचना मिली कि कुछ अपराधी मोटरसाइकिल छीनकर भाग रहे हैं। सूचना पर थाना सरसावा और गागलहेड़ी पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए पीछा किया। खुद को घिरता देख बदमाशों ने पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी फायरिंग की, जिसमें इमरान गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
मुठभेड़ के दौरान थाना गागलहेड़ी प्रभारी के हाथ में गोली लगी, जबकि थाना सरसावा प्रभारी की बुलेटप्रूफ जैकेट में गोली फंस जाने से उनकी जान बाल-बाल बच गई। पुलिस ने मौके से हथियार और कारतूस बरामद किए हैं। घायल पुलिस अधिकारी को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
एसएसपी आशीष तिवारी ने बताया कि यह मुठभेड़ पुलिस की तत्परता और योगी सरकार की सख्त नीति का नतीजा है। इनामी बदमाश इमरान लंबे समय से फरार चल रहा था, जिसकी गिरफ्तारी पर ₹1 लाख का इनाम घोषित था। उन्होंने कहा कि अपराधियों के लिए यूपी में कोई जगह नहीं है—जो कानून से भिड़ेगा, उसे कानून का सामना करना ही पड़ेगा।
लगातार हो रही मुठभेड़
बीते कुछ दिनों में यूपी के कई जिलों—चंदौली, संभल, और अमेठी—में भी पुलिस ने लगातार मुठभेड़ें की हैं। सहारनपुर में यह कार्रवाई “ऑपरेशन लंगड़ा” के तहत हुई, जिसके जरिए पुलिस अपराधियों के खिलाफ तेजी से अभियान चला रही है। यह मुठभेड़ एक बार फिर साबित करती है कि योगी सरकार में अपराधियों के लिए सिर्फ दो रास्ते बचे हैं—या तो जेल या फिर अंजाम।