2017 से पहले उत्तर प्रदेश अपनी खराब कानून व्यवस्था के लिए कई बार सुर्खियों में रहा करता था। लेकिन पिछले आठ वर्षों में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में कानून व्यवस्था में जबरदस्त सुधार हुआ है। ये बदलाव अब न केवल प्रदेश में बल्कि देश और विदेशों में भी चर्चित है। इसका प्रमाण यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो-25 में लगे उत्तर प्रदेश पुलिस के हाईटेक स्टॉल पर भारी भीड़ से मिलता है, जहां देश के विभिन्न हिस्सों के साथ-साथ विदेशी मेहमान भी आते हैं।
दी जा रही हर मामले पर जानकारी
इस स्टॉल पर लोगों की उत्सुकता कानून व्यवस्था के नए मॉडल को समझने की है। खासतौर पर साइबर हेल्प डेस्क पर युवाओं की भीड़ देखी जा सकती है, जहां पुलिस अधिकारी उन्हें डिजिटल अपराध, ऑनलाइन ठगी और सुरक्षा उपायों की जानकारी देते हैं। टेलीग्राम जैसे प्लेटफॉर्म पर ठगी के मामलों को लेकर युवाओं ने कई सवाल पूछे, जिनका पुलिस ने विस्तार से जवाब दिया। पुलिस ने बताया कि ‘यू फीड मशीन’ के जरिए अपराधियों के मोबाइल से तुरंत डेटा निकालकर उनकी पहचान करना आसान हो गया है।
यातायात नियमों की पालन कराने के लिए पुलिस ने नए उपकरण भी प्रदर्शित किए हैं, जैसे ब्रीद एनालाइजर जिसमें अब कैमरा लगा है, ताकि वाहन चालक बहाने न बना सकें। इसके अलावा स्पीड राडार गन और बॉडी वार्म कैमरा भी लोगों का ध्यान खींचते हैं, जिससे सड़क सुरक्षा में मदद मिलती है।
अत्याधुनिक हथियारों की प्रदर्शनी भी स्टॉल पर है, जिसमें डीआरडीओ के बनाए रॉकेट लॉन्चर और फायर फाइटिंग रोबोट शामिल हैं। ये हथियार और उपकरण आधुनिक पुलिसिंग की ताकत को दर्शाते हैं और युवाओं में उत्सुकता पैदा करते हैं।
तकनीकी रूप से सक्षम बनाने के लिए उठाए जा रहे कदम
योगी सरकार ने पुलिस विभाग को तकनीकी रूप से सक्षम बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं। थानों को डिजिटल बनाया गया, साइबर अपराध के लिए विशेष सेल बनाए गए और महिलाओं की सुरक्षा के लिए कई योजनाएं शुरू की गईं। साथ ही सीसीटीवी, आईटीएस और फोरेंसिक तकनीक का उपयोग बढ़ाया गया है। गैंगस्टर एक्ट और कड़ी एनकाउंटर नीति ने अपराध पर काबू पाने में मदद की है।