सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के पालन में प्रदेश सरकार की ओर से स्थायी डीजीपी के चयन के लिए संघ लोक सेवा आयोग को दोबारा प्रस्ताव भेजा जाएगा। सूत्रों के अनुसार, बीते सप्ताह भेजे गए संशोधित प्रस्ताव में 1994 बैच तक के आईपीएस अफसरों के नाम शामिल किए गए हैं। यह कदम सुप्रीम कोर्ट की हाल की गाइडलाइंस के अनुरूप उठाया गया है, ताकि डीजीपी के चयन की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और नियमों के अनुरूप हो।
भेजा गया नया पत्र
बता दें कि पहले भेजे गए प्रस्ताव में कुछ आपत्तियां उठने के बाद आयोग ने उसे वापस कर दिया था। आयोग ने बीते वर्ष डीजीपी पद रिक्त होने पर प्रदेश के आईपीएस अधिकारियों की वरिष्ठता और अन्य आवश्यक जानकारियों की मांग की थी। इस बार संशोधित प्रस्ताव में आयोग को सभी आवश्यक जानकारियां उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि चयन प्रक्रिया में कोई बाधा न आए।
अब संघ लोक सेवा आयोग, प्रदेश सरकार द्वारा भेजे गए आईपीएस अधिकारियों की सूची का अध्ययन कर वरिष्ठता के आधार पर तीन अधिकारियों का पैनल तैयार करेगा। इसके बाद आयोग यह पैनल वापस सरकार को भेजेगा, जिसमें से किसी एक अधिकारी को स्थायी डीजीपी के रूप में नियुक्त किया जाएगा।
उम्मीद ये है
वर्तमान में कार्यवाहक डीजीपी राजीव कृष्ण पद पर कार्यरत हैं और माना जा रहा है कि उन्हें स्थायी रूप से डीजीपी बनाया जा सकता है। चयन प्रक्रिया की इस पारदर्शी व्यवस्था से यह सुनिश्चित होगा कि डीजीपी पद पर नियुक्ति केवल वरिष्ठता और योग्यता के आधार पर हो।
प्रदेश सरकार और आयोग के बीच इस प्रक्रिया का समन्वय डीजीपी के चयन को जल्द पूरा करने में मदद करेगा। उम्मीद की जा रही है कि नए डीजीपी की नियुक्ति के बाद पुलिस विभाग में स्थिरता और बेहतर प्रशासनिक कार्यप्रणाली सुनिश्चित होगी।