संगम की रेती पर पौष पूर्णिमा के पहले स्नान पर्व के साथ शुरू हुए विश्व के सबसे बड़े धार्मिक और आध्यात्मिक आयोजन माघ मेले की सुरक्षा व्यवस्था इस बार बेहद सख्त कर दी गई है। करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े इस महाआयोजन को पूरी तरह सुरक्षित बनाने के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस के साथ-साथ यूपी एटीएस (एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड) के कमांडो भी तैनात किए गए हैं।
करोड़ों लोगों के पहुंचने की उम्मीद
योगी सरकार के अनुमान के मुताबिक 15 फरवरी महाशिवरात्रि तक चलने वाले माघ मेले में 12 से 15 करोड़ श्रद्धालु संगम पहुंचेंगे। इतनी बड़ी संख्या को देखते हुए किसी भी आतंकी खतरे या असामाजिक गतिविधि को रोकने के लिए एटीएस को हाई अलर्ट पर रखा गया है। एटीएस कमांडो मेला क्षेत्र में सादे कपड़ों में भी तैनात हैं और संदिग्ध गतिविधियों पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
सूत्रों के अनुसार, माघ मेले से पहले खुफिया एजेंसियों ने संभावित आतंकी साजिशों को लेकर अलर्ट जारी किया था। इसी के बाद यूपी एटीएस ने मेले की सुरक्षा रणनीति को और मजबूत किया। एटीएस की टीमें रेलवे स्टेशन, बस अड्डों, प्रवेश मार्गों, अखाड़ों और प्रमुख स्नान घाटों पर लगातार निगरानी कर रही हैं। संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान के लिए इनपुट-आधारित चेकिंग की जा रही है।
इसके अलावा एटीएस, स्थानीय पुलिस और खुफिया एजेंसियों के साथ रियल-टाइम इंटेलिजेंस साझा कर रही है। मेला क्षेत्र में लगाए गए एआई युक्त सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन से मिलने वाले इनपुट्स का भी विश्लेषण किया जा रहा है, ताकि किसी भी खतरे को समय रहते निष्क्रिय किया जा सके।
अफसरों ने कहा ये
एटीएस अधिकारियों का कहना है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और माघ मेले के दौरान किसी भी आतंकी संगठन या अराजक तत्व को अपने मंसूबों में कामयाब नहीं होने दिया जाएगा। सुरक्षा एजेंसियों की इस बहुस्तरीय व्यवस्था से श्रद्धालु निश्चिंत होकर संगम स्नान और धार्मिक अनुष्ठानों में भाग ले सकेंगे।