सहारनपुर जिले में आतंक कनेक्शन सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने सतर्कता और कड़ी कर दी है। डॉ. आदिल अहमद की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने बाहरी व्यक्तियों के आने-जाने और उनके ठिकानों की दोबारा समीक्षा शुरू कर दी है। इसी क्रम में एसएसपी आशीष तिवारी ने पूरे जनपद में बड़े स्तर पर किरायेदार सत्यापन अभियान चलाने के निर्देश दिए, जिसके बाद सभी थाना टीमें तुरंत क्षेत्र में सक्रिय हो गईं।
लगातार हो रहा सत्यापन
पुलिस सूत्रों की मानें तो केवल पांच दिनों में चार हजार से ज्यादा लोगों का सत्यापन पूरा किया जा चुका है। इसमें किरायेदार, पीजी में रहने वाले युवक-युवतियां और घरेलू सहायिकाएं भी शामिल हैं। एसएसपी तिवारी ने इसे शून्य-सहनशीलता आधारित सुरक्षा अभियान बताते हुए स्पष्ट किया कि जिले में संदिग्ध तत्वों को किसी भी हाल में जगह नहीं बनाने दी जाएगी।
एटीएस के इनपुट और हालिया घटनाओं को ध्यान में रखते हुए मुस्लिम बहुल इलाकों में गश्त बढ़ा दी गई है। संवेदनशील पॉकेट्स में अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है ताकि किसी भी असामान्य गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। पुलिस टीमें घर-घर जाकर किरायानामा, पहचान पत्र, पिछले पते और मोबाइल नंबर जैसी जानकारियों का गहन सत्यापन कर रही हैं।
15 से 19 नवंबर के बीच पुलिस ने 2539 किरायेदारों और 1494 घरेलू सहायकों का भौतिक सत्यापन पूरा किया है। कुछ मामलों में दस्तावेज़ी असमानता मिलने पर संबंधित थानों ने पूछताछ भी की है।
लोगों से की गई अपील
एसएसपी तिवारी ने नागरिकों से अपील की है कि बिना सत्यापन किसी भी नए किरायेदार या घरेलू सहायक को न रखें। उनका कहना है कि सुरक्षा तभी मजबूत होगी जब पुलिस और जनता दोनों सतर्क रहें। किसी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की जानकारी तुरंत कंट्रोल रूम को देने की सलाह दी गई है। यह अभियान अगले कई दिनों तक चलने वाला है और एसएसपी स्वयं इसे रोजाना मॉनिटर कर रहे हैं।