प्रयागराज। साइबर ठगी के एक मामले में फ्रीज कराई गई 33 लाख रुपये की रकम वापस दिलाने के एवज में पुलिसकर्मियों पर कमीशन लेने का गंभीर आरोप लगा है। एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग थाने से जुड़े आंतरिक जांच प्रकोष्ठ में तैनात महिला सिपाही नीशू सिंह ने पूर्व साइबर थाना प्रभारी ओम नारायण गौतम और सिपाही अभिषेक कुमार के खिलाफ शिकायत की है। आरोप है कि दोनों ने फ्रीज रकम को खाते में वापस ट्रांसफर कराने के लिए 20 प्रतिशत कमीशन की मांग की और उनसे 4.20 लाख रुपये ले लिए।
ये है मामला
शिकायत के मुताबिक, नीशू सिंह के भाई मानवेंद्र सिंह के साथ करीब 60 लाख रुपये की साइबर ठगी हुई थी। इस मामले में 28 मई 2025 को साइबर थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया था। उस समय मामले की जांच तत्कालीन साइबर थाना प्रभारी ओम नारायण गौतम कर रहे थे।
नीशू का कहना है कि उन्होंने साइबर ठगी की रकम वापस पाने के लिए नेशनल साइबर रिपोर्टिंग पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई थी। उनकी शिकायत के आधार पर करीब 33 लाख रुपये की रकम फ्रीज हो गई। आरोप है कि रकम को उनके खाते में वापस भेजने की प्रक्रिया में पुलिस अधिकारियों की ओर से सहयोग नहीं किया गया।
शिकायतकर्ता के अनुसार, अधिकारियों से मामले की प्रगति पूछने पर भी जांच आगे बढ़ती नजर नहीं आई। इसके बाद उन्होंने उच्चाधिकारियों से शिकायत की। मामले की विवेचना बाद में अपराध शाखा में तैनात निरीक्षक गंगा प्रसाद को सौंप दी गई। आरोप है कि पूर्व विवेचक ने जांच से जुड़े जरूरी दस्तावेज भी नए विवेचक को समय से उपलब्ध नहीं कराए।
महिला सिपाही ने की शिकायत
महिला सिपाही ने अधिकारियों से शिकायत कर कथित तौर पर दिए गए 4.20 लाख रुपये वापस कराने और आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। शिकायत की जांच के बाद सिविल लाइंस पुलिस को मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए गए।
सिविल लाइंस इंस्पेक्टर रामाश्रय यादव के मुताबिक, महिला सिपाही की तहरीर के आधार पर दोनों पुलिसकर्मियों के खिलाफ भ्रष्टाचार से संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की जांच जारी है और आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।