वाराणसी के सबसे अहम थानों में गिने जाने वाले लंका थाने में बुधवार रात बड़ी अजीब स्थिति देखने को मिली। आरोप है कि थाने के ही कुछ पुलिसकर्मियों ने अपने साथी सिपाही के साथ मिलकर मारपीट कर दी। मामला शराब को लेकर शुरू हुआ विवाद था, जो देर रात तक थाने के भीतर पंचायत का रूप लेता रहा। लेकिन समझौता न होने पर पीड़ित सिपाही ने औपचारिक तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की।
ये है मामला
सेना से रिटायर होकर पुलिस सेवा में आए मनोज सिंह, इस समय लंका थाने में बतौर सिपाही तैनात हैं। उनका आरोप है कि थाने पर ड्यूटी मुंशी हेड कांस्टेबल भानु प्रताप सिंह आए दिन उन्हें कैंटीन से शराब लाने के लिए दबाव डालते थे। बुधवार रात करीब 9:40 बजे मनोज को थाने के ही दो सिपाहियों ने फोन कर बैरक में बुलाया।
वहां पहुंचने पर उन्होंने देखा कि कई पुलिसकर्मी शराब पी रहे थे। मनोज के मुताबिक, इस दौरान उनसे अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया और विरोध करने पर एक सिपाही ने उनका गला पकड़कर गिरा दिया। इसके बाद उन्हें पेट और सीने पर गंभीर चोटें आईं।
घटना के बाद घायल सिपाही को रमना चौकी प्रभारी और अन्य पुलिसकर्मी राजकीय विवेकानंद अस्पताल (भेलूपुर) ले गए, जहां इलाज के दौरान वह दो बार बेहोश हो गए। फिलहाल उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है।
होगी कार्रवाई
इस पूरे घटनाक्रम पर लंका थाना प्रभारी निरीक्षक राजकुमार शर्मा का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और जो भी पुलिसकर्मी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई होगी।
पीड़ित सिपाही मनोज सिंह मूल रूप से देवरिया जनपद के कुंदरौलिया गांव (मइल थाना क्षेत्र) के रहने वाले हैं। फिलहाल पुलिस महकमे में इस घटना ने सवाल खड़े कर दिए हैं कि जब थाने के भीतर ही पुलिसकर्मी आपस में भिड़ जाएं तो जनता को कानून-व्यवस्था पर कितना भरोसा होगा।