लखनऊ: उत्तर प्रदेश पुलिस विभाग ने तबादला नीति में बदलाव करते हुए पति-पत्नी दोनों के पुलिस सेवा में होने की स्थिति को प्राथमिकता दी है। नई व्यवस्था के तहत 2019 बैच के बाद नियुक्त ऐसे पुलिसकर्मियों के तबादले विशेष परिस्थितियों में ही किए जाएंगे, जिनमें पति और पत्नी दोनों पुलिस विभाग में कार्यरत हों। सरकार का उद्देश्य है कि पुलिसकर्मियों को पारिवारिक और मानसिक परेशानियों से राहत मिल सके।
डीजीपी ने कहा ये
पुलिस महानिदेशक ने स्पष्ट किया है कि यदि पति-पत्नी अलग-अलग जिलों में तैनात हैं, तो उन्हें एक ही जिले में नियुक्त करने का प्रयास किया जाएगा। विभाग का मानना है कि परिवार से दूर रहकर काम करने से पुलिसकर्मियों पर मानसिक दबाव बढ़ता है, जिसका असर उनकी कार्यक्षमता पर पड़ता है।
योगी आदित्यनाथ सरकार पहले ही यह नीति स्पष्ट कर चुकी है कि प्रशासनिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए, जहां संभव हो, वहां पति-पत्नी को एक ही जिले में तैनात किया जाएगा। इसी नीति के तहत 22 मई 2025 को पहले चरण में 101 सिपाहियों के तबादले किए गए थे। इनमें महिला पुलिसकर्मियों को उनके पति के जिले में और पुरुष पुलिसकर्मियों को उनकी पत्नी के जिले में भेजा गया।
बढ़ेगा जवानों का मनोबल
पहले भी कुछ विशेष मामलों में पति-पत्नी को एक साथ तैनाती दी जाती थी, लेकिन अब इसे व्यवस्थित नीति का रूप दे दिया गया है। अधिकारियों के अनुसार, इसका सबसे ज्यादा लाभ महिला पुलिसकर्मियों को मिलेगा। विभाग को उम्मीद है कि इस फैसले से पुलिसकर्मियों का मनोबल बढ़ेगा और वे बेहतर तरीके से अपनी जिम्मेदारियां निभा सकेंगे।