योगी सरकार ने दो वर्ष से ज्यादा छुट्टी पर रहे सरकारी ड्राइवर की सुनवाई करते हुए उसे गलत तरीके से लाभ देने के आरोप में आईपीएस जुगुल किशोर को सस्पेंड कर दिया गया है. फायर विभाग के DIG के पद पर तैनात जुगुल किशोर पर आचरण नियमावली के उल्लंघन का आरोप लगा है. दिसंबर 2022 से फायर सर्विसेज में डीआईजी के पद पर तैनात जुगुल किशोर 2008 बैच के आईपीएस अफसर है. जानकारी के मुताबिक ड्राइवर को गलत तरीके से लाभ देने के मामले में उनके ऊपर विभागीय जांच चल रही थी. रिपोर्ट मिलने के बाद शासन ने यह कार्रवाई की है।
सस्पेंड होने पर सोशल मीडिया पर दी प्रतिक्रिया
सस्पेंड किए जाने के बाद जुगुल किशोर ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर पोस्ट करते हुए लिखा है कि, इन वर्षों में मैंने क्या सेवा की. मेरे सभी प्रयास, बिना किसी डर के। यदि मैं किसी भी “गिरे हुए मन” को “उठाने” में सफल हो जाऊं. समय मानवजाति के प्रति मेरी सेवा का साक्षी बनेगा. आईपीएस जुगुल किशोर बतौर एसपी जुगुल बांदा, वाराणसी, इलाहाबाद, लखनऊ, बहराइच और चित्रकूट में तैनात रहे है. उन्होंने वर्ष 2009 में चित्रकूट में आतंक का पर्याय बन चुके दुर्दांत डकैत घनश्याम केवट को एनकाउंटर में ढेर किया था.
