आयोध्या: पुलिस विभाग में एक दिल छू लेने वाली घटना सामने आई है, जिसने इंसानियत और सम्मान का एक नया उदाहरण पेश किया है। जब पुलिस विभाग के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी राजेंद्र प्रसाद, श्रीप्रकाश और प्रमोति एसआई सुरेंद्र ने अपनी सेवा अवधि पूरी कर रिटायरमेंट लिया, तो आईजी अयोध्या रेंज प्रवीण कुमार ने उन्हें सम्मानपूर्वक विदाई दी।
आईजी समेत अन्य पुलिसकर्मियों ने गाड़ी को लगाया धक्का
यह कोई आम विदाई नहीं थी। आईजी प्रवीण कुमार ने अपनी सरकारी गाड़ी में इन कर्मचारियों को बैठाया, और पूरे स्टाफ के साथ मिलकर आईजी साहब ने गाड़ी को खुद धक्का लगाया। यह न केवल एक गाड़ी को धक्का देने का दृश्य था, बल्कि ये सच्चे सम्मान, अपनापन और कृतज्ञता का प्रतीक था। ऐसे कई उदाहरण सामने आते हैं जब बड़े अधिकारी छोटे कर्मचारियों के प्रति अनुचित व्यवहार करते हैं, लेकिन इस मामले ने उस रूढ़िवादी सोच को चुनौती दी है।
आईजी की हो रही सराहना
आईजी प्रवीण कुमार का ये कदम यह दर्शाता है कि सरकारी पदों के पीछे इंसानियत सबसे महत्वपूर्ण है। इस भावुक क्षण ने यह साफ कर दिया कि किसी भी संगठन की असली ताकत उसके अधिकारियों में नहीं, बल्कि उन रिश्तों और सम्मान में होती है जो हर कर्मचारी के प्रति रखे जाते हैं।
इस बात से विभाग में एक सकारात्मक संदेश गया है कि चाहे पद कोई भी हो, सभी कर्मचारियों का सम्मान करना चाहिए। आईजी साहब की यह मिसाल न केवल पुलिस विभाग के लिए प्रेरणादायक है, बल्कि अन्य विभागों के लिए भी एक सीख है।