उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर से पुलिस विभाग को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक पुलिसकर्मी पर अपने ही साथियों से अवैध वसूली करने के आरोप लगे हैं। इस मामले में कार्रवाई करते हुए एसएसपी ने पुलिस लाइन में तैनात मेजर हेड कांस्टेबल (प्रशिक्षक) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही रतनपुरी और सिखेड़ा थानों में तैनात दो उपनिरीक्षकों (दरोगाओं) पर भी गाज गिरी है और उन्हें भी सस्पेंड किया गया है।
ये था मामला
जानकारी के अनुसार, पुलिस लाइन में प्रशिक्षण ले रहे आरक्षियों ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उन्हें फायरिंग अभ्यास और इंडोर परीक्षा के नाम पर पैसे देने के लिए मजबूर किया जा रहा था। आरोप है कि यह वसूली सीधे तौर पर प्रशिक्षण प्रभारी द्वारा कराई जा रही थी। मामला सामने आने के बाद वरिष्ठ अधिकारियों ने इसे गंभीरता से लिया और तत्काल जांच के आदेश दिए गए।
एसएसपी ने दिए थे जांच के आदेश
एसएसपी ने पूरे प्रकरण की जांच एसपी क्राइम इंदु सिद्धार्थ को सौंपी थी। प्रारंभिक जांच में आरोप सही पाए गए, जिसके आधार पर संबंधित मेजर हेड कांस्टेबल को निलंबित कर दिया गया। अधिकारियों का कहना है कि विभाग में इस तरह की अनियमितताओं को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इसके अलावा मामले की विस्तृत जांच अब एसपी ट्रैफिक को सौंपी गई है, ताकि पूरी सच्चाई सामने आ सके और यदि अन्य लोग भी इसमें शामिल पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जा सके।
पुलिस विभाग ने स्पष्ट किया है कि भर्ती और प्रशिक्षण प्रक्रिया को पारदर्शी बनाए रखना प्राथमिकता है। ऐसे मामलों में दोषी पाए जाने वाले कर्मियों के खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई जारी रहेगी।