उत्तर प्रदेश सरकार ने महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के स्पष्ट निर्देशों के बाद अब प्रदेश के हर पुलिस स्टेशन में ‘मिशन शक्ति केंद्र’ स्थापित किए जाएंगे। सीएम के आदेशों के बाद, पुलिस महानिदेशक (DGP) राजीव कृष्ण ने सभी जिलों के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को आवश्यक दिशानिर्देश जारी कर दिए हैं।
डीजीपी ने दिए निर्देश
जानकारी के मुताबिक, इन मिशन शक्ति केंद्रों को महिलाओं के खिलाफ अपराधों की जांच और पीड़ितों को तत्काल सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से एक सक्रिय इकाई के रूप में स्थापित किया जाएगा। ये केंद्र पुलिस चौकियों की तरह काम करेंगे, जहां महिलाओं की शिकायतों को प्राथमिकता दी जाएगी और संवेदनशीलता के साथ उनका निस्तारण किया जाएगा।
प्रत्येक केंद्र पर एक प्रभारी अधिकारी या उप-निरीक्षक नियुक्त किया जाएगा, जिसमें प्राथमिकता महिला अधिकारियों को दी जाएगी। साथ ही, कुल स्टाफ में 50 प्रतिशत महिला प्रतिनिधित्व अनिवार्य किया गया है। कर्मचारियों को 3 से 5 वर्ष की सेवा अवधि के लिए तैनात किया जाएगा और उन्हें विशेष प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
उपलब्ध कराई जाएंगी सभी चीजें
डीजीपी द्वारा जारी आदेशों में कहा गया है कि केंद्रों को आवश्यक संसाधन जैसे अलग कमरा, कंप्यूटर, स्टेशनरी, रिकॉर्ड रजिस्टर और महिलाओं के लिए शौचालय उपलब्ध कराए जाएं। महिला सहायता डेस्क के लिए ड्यूटी रोस्टर भी तैयार किया जाएगा।
इसके अतिरिक्त, मिशन शक्ति केंद्र विभिन्न विभागों जैसे वन-स्टॉप सेंटर, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बाल कल्याण समिति आदि से समन्वय स्थापित कर, पीड़ितों को काउंसलिंग, कानूनी सहायता और पुनर्वास जैसी सेवाएं देंगे। ये पहल राज्य में महिलाओं के लिए सुरक्षित, सशक्त और सहायक वातावरण तैयार करने की दिशा में एक ठोस प्रयास मानी जा रही है।