यूपी पुलिस का यक्ष एप: अब बीट सिपाही के हाथ में कमान

Share This

उत्तर प्रदेश पुलिस की काम करने की प्रणाली को तकनीक से और मजबूत बनाने के लिए शुरू किए गए यक्ष एप को अब जमीनी स्तर तक लागू किया जा रहा है। खास बात यह है कि इस एप को चलाने का अधिकार अब सिर्फ थाना प्रभारी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि बीट पर तैनात सिपाही भी इसे खुद इस्तेमाल कर सकेंगे। इससे पुलिस का काम ज्यादा तेज, आसान और असरदार हो सकेगा।

प्रदेश में पहले से पुलिस के पास त्रिनेत्र, पहचान और बीट प्रहरी नाम के तीन अलग-अलग एप मौजूद थे। इन तीनों एप की सुविधाओं को यक्ष एप में एक साथ जोड़ दिया गया है। साथ ही इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से निगरानी की सुविधा भी दी गई है। पहले इन एप का संचालन थाना स्तर के अधिकारी करते थे, जिससे पूरे थाने का डाटा एक ही व्यक्ति के जिम्मे रहता था। अब सिपाही को एप चलाने का अधिकार मिलने से काम समय पर पूरा हो सकेगा और व्यवस्था बेहतर होगी।

 अपराधी का पता बदला तो मिलेगा तुरंत संदेश

यक्ष एप में बीट के अनुसार अपराधियों का पूरा ब्योरा दर्ज किया जाएगा। अपने इलाके के अपराधियों की निगरानी करना बीट सिपाही की जिम्मेदारी होगी। अगर कोई अपराधी अपना रहने का स्थान बदलता है तो सिपाही उसका नया पता एप में दर्ज करेगा। जैसे ही नया पता डाला जाएगा, उस इलाके के बीट सिपाही के पास एप के जरिए तुरंत सूचना पहुंच जाएगी। इसके बाद वह उसका सत्यापन कर निगरानी शुरू करेगा।

जल्द पूरी तरह लागू होगा यक्ष एप

डीजीपी ने यक्ष एप को सही तरीके से लागू करने के लिए सभी जिलों के एसपी, जोन के एडीजी और रेंज के आईजी को जरूरी दिशा-निर्देश भेज दिए हैं। इन निर्देशों में एप के इस्तेमाल की पूरी जानकारी दी गई है। शुरुआत में पहले से मौजूद डाटा के आधार पर नौ बिंदुओं का सत्यापन किया जाएगा। इसमें थाने, चौकी और बीट पर तैनात पुलिसकर्मियों का विवरण, गांव और मोहल्लों के सही नाम, पुलिसकर्मियों को बीट का आवंटन और अपराधियों का रिकॉर्ड अपडेट करना शामिल है।

इस तरह यक्ष एप के जरिए उत्तर प्रदेश पुलिस की निगरानी व्यवस्था को और मजबूत और व्यवस्थित बनाया जा रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *