देवरिया। उत्तर प्रदेश पुलिस में तैनात एक सिपाही द्वारा तंत्र-मंत्र की सनक में अपने ही साले के मासूम बेटे की बलि देने का हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यह सनसनीखेज वारदात देवरिया जिले के भलुअनी थाना क्षेत्र के पटखौली गांव में हुई। पुलिस ने इस जघन्य अपराध का खुलासा करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जिनमें मुख्य अभियुक्त पुलिस सिपाही इंद्रजीत गौड़ भी शामिल है।
ये है मामला
जानकारी के मुताबिक, 9 वर्षीय आरुष 16 अप्रैल की शाम को घर से निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा। उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट परिजनों ने दर्ज कराई। छानबीन के दौरान पुलिस को शक हुआ कि परिवार के ही कुछ सदस्य इस मामले में संलिप्त हो सकते हैं। जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ी, पूरे मामले का वीभत्स सच सामने आ गया।
मुख्य आरोपी इंद्रजीत गौड़, जो गोंडा जिले में सिपाही के पद पर तैनात था, तंत्र-मंत्र में गहराई से उलझ चुका था। पुलिस जांच में पता चला कि इंद्रजीत पहले जानवरों की बलि दे चुका था और अब वह नरबलि की तलाश में था।
इसके लिए उसने अपने मामा जय प्रकाश और साढू शंकर के साथ मिलकर मासूम आरुष को अगवा किया। 19 अप्रैल की रात तीनों आरोपी बच्चे को लेकर पिपरा गांव के एक बाग में पहुंचे, जहां इंद्रजीत ने तंत्र क्रिया के दौरान उसकी गला रेतकर हत्या कर दी। अगले दिन शव को नदी में फेंक दिया गया।
एसपी ने दी जानकारी
घटना के बाद इंद्रजीत ने खुद को बेगुनाह दिखाने के लिए बच्चे की तलाश का नाटक भी किया, लेकिन पुलिस की सख्ती में सच्चाई बाहर आ गई। एसपी विक्रांत वीर के मुताबिक, चारों आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त चाकू, वाहन और अन्य साक्ष्य बरामद कर लिए हैं।