शामली में कांवड़ यात्रा की व्यवस्था संभालने जा रहे हेड कांस्टेबल अजय कुमार की सड़क हादसे में मौत हो गई। सोमवार शाम ड्यूटी के लिए घर से निकले अजय कुमार वापस नहीं लौट सके। मेरठ के अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ने के बाद बुधवार सुबह उन्होंने दम तोड़ दिया। उनकी मौत की खबर से परिवार में कोहराम मच गया।
ये है मामला
कादरगढ़ चौकी पर तैनात अजय कुमार सोमवार शाम करीब साढ़े सात बजे बाइक से बनत की तरफ रवाना हुए थे। वह कांवड़ यात्रा को लेकर लगाई गई ड्यूटी में शामिल होने जा रहे थे। चौकी से कुछ दूरी आगे पेट्रोल पंप के पास अचानक पीछे से आए एक वाहन ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी।
हादसे के बाद सड़क पर गिरे अजय कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए। आसपास मौजूद लोगों की सूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और उन्हें तुरंत थानाभवन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। हालत नाजुक होने के कारण डॉक्टरों ने उन्हें मेरठ रेफर कर दिया, जहां उनका इलाज चल रहा था।
बुधवार तड़के करीब पांच बजे अस्पताल में उपचार के दौरान उनकी सांसें थम गईं। पुलिस अब टक्कर मारने वाले अज्ञात वाहन और चालक की तलाश में जुटी है।
बुलंदशहर निवासी थे सिपाही
अजय कुमार बुलंदशहर के गुलावठी थाना क्षेत्र के कैथाला गांव के रहने वाले थे। चार भाइयों में दूसरे नंबर के अजय के परिवार पर पहले ही बड़ा दुख आ चुका था। कुछ समय पहले उनके बड़े भाई का निधन हो गया था, जिसके बाद घर की जिम्मेदारियां भी उनके कंधों पर थीं।
अब उनके जाने से परिवार का सहारा छिन गया है। पत्नी और दो बेटों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। उनके 15 वर्षीय बेटे कुणाल और 11 वर्षीय बेटे भव्य की आंखों के सामने पिता की यादें रह गई हैं। दोनों बच्चे अभी पढ़ाई कर रहे हैं।
अजय कुमार के निधन की खबर के बाद पैतृक गांव में शोक का माहौल है। ग्रामीणों ने बताया कि वह शांत स्वभाव के और जिम्मेदार व्यक्ति थे। पुलिस विभाग ने भी उनके निधन पर दुख जताते हुए परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है।