वाराणसी में एंटी करप्शन टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए काशी विद्यापीठ पुलिस चौकी के एक चौकी प्रभारी और सिपाही को 20 हजार रुपये की घूस लेते हुए गिरफ्तार किया। आरोप है कि चौकी प्रभारी ने एक मामले में राहत देने के एवज में 50 हजार रुपये की मांग की थी और पीड़ित को धमकी दी कि अगर पैसे नहीं दिए गए, तो गंभीर धाराओं में केस बढ़ाकर जेल भेज दिया जाएगा।
ये था मामला
मामला चंदौली जिले के अलीनगर थाना क्षेत्र के प्रह्लाद गुप्ता से जुड़ा है। प्रह्लाद और उनकी पत्नी ममता गुप्ता के बीच घरेलू विवाद चल रहा था। अगस्त 2025 में ममता ने प्रह्लाद और छह अन्य पर दहेज उत्पीड़न का मामला दर्ज कराया था। इसी केस में चौकी प्रभारी ने प्रह्लाद से पैसे की मांग की। परेशान होकर प्रह्लाद ने एंटी करप्शन टीम को इसकी शिकायत दी।
शिकायत मिलने के बाद एंटी करप्शन टीम ने कार्रवाई की योजना बनाई। बुधवार शाम, प्रह्लाद गुप्ता के साथ टीम काशी विद्यापीठ पुलिस चौकी पहुंची। प्रह्लाद ने पैसे देने की कोशिश की तो चौकी प्रभारी ने सिपाही को पैसे लेने के लिए कहा। जैसे ही सिपाही ने पैसे अपनी जैकेट की जेब में रखे, एंटी करप्शन टीम ने तुरंत उन्हें रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
ये पुलिसकर्मी शामिल
पकड़े गए अधिकारियों में चौकी प्रभारी शिवाकर मिश्रा और सिपाही गौरव द्विवेदी शामिल हैं। इस घटना के बाद चौकी प्रभारी की पत्नी ने आरोप लगाया कि उनके पति को फंसाया गया है और उन्होंने निष्पक्ष जांच की मांग की है।