मेरठ कलेक्ट्रेट में पुलिस और किसान नेताओं में नोकझोंक, सीओ बोले—मेरे एक भी सिपाही का अपमान हुआ तो ठीक नहीं होगा

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मेरठ कलेक्ट्रेट परिसर में रविवार को सेंट्रल मार्केट के व्यापारियों के समर्थन में धरना दे रहे किसान मजदूर संगठन के कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। संगठन के कई कार्यकर्ता और किसान नेता कलेक्ट्रेट परिसर में धरने पर बैठे थे। इसी दौरान पुलिस और किसान नेताओं के बीच किसी बात को लेकर बहस शुरू हो गई, जिससे मौके पर कुछ देर के लिए माहौल तनावपूर्ण हो गया।

ये है मामला 

बहस बढ़ने की सूचना मिलने पर सीओ अभिषेक तिवारी मौके पर पहुंचे और दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास किया। इस दौरान उन्होंने किसान नेताओं से कहा कि पुलिस उनसे बातचीत करने के लिए ही वहां आई है। उन्होंने कहा कि “हम आपके पीछे आए हैं ताकि आपसे बात कर सकें। हम आपके लिए यहां खड़े भी हैं और काफी देर से चुप भी हैं, लेकिन थाने के एसएसआई को लगातार धमकाना ठीक नहीं है। वह यहां आपकी धमकी सुनने के लिए नहीं खड़ा है।”

सीओ की इस बात पर किसान मजदूर संगठन के नेता अंशुल तोमर ने सवाल करते हुए कहा कि “क्या करोगे, 151 में चालान करके जेल भेजोगे?” इस पर सीओ अभिषेक तिवारी ने सख्त लहजे में जवाब दिया कि उन्हें यह बताने की जरूरत नहीं है कि वे क्या कार्रवाई करेंगे।

उन्होंने कहा, “पहले मेरी एक लाइन की बात सुनिए। आपके सम्मान में हमारी तरफ से कोई कमी नहीं है, लेकिन अगर यहां मेरे एक भी सिपाही का अपमान हुआ तो यह बिल्कुल ठीक नहीं होगा।”

सीओ ने कहा ये

सीओ ने स्पष्ट किया कि पुलिस सभी से सम्मानजनक व्यवहार की उम्मीद करती है और बातचीत भी सम्मान के साथ ही होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि सभी लोग सम्मानपूर्वक बातचीत करेंगे तभी पुलिस आगे चर्चा के लिए आएगी।

घटना के दौरान कुछ देर तक माहौल गरम रहा, हालांकि बाद में पुलिस अधिकारियों ने स्थिति को संभाल लिया और धरना स्थल पर शांति बनाए रखने की अपील की।

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