अलीगढ़ में पुलिस विभाग ने एक उपनिरीक्षक के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। थाना अकराबाद में तैनात दरोगा मोहम्मद आसिफ को शिकायत की प्रारंभिक जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया गया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) नीरज कुमार जादौन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए यह कार्रवाई की है। साथ ही दरोगा के खिलाफ विभागीय जांच और कानूनी प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
अफसरों ने दी जानकारी
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, दरोगा मोहम्मद आसिफ के खिलाफ एक शिकायत प्राप्त हुई थी। शिकायत मिलने के बाद मामले की प्रारंभिक जांच कराई गई। जांच में आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए जाने पर एसएसपी ने जनहित में उन्हें तत्काल थाना अकराबाद से हटाकर पुलिस लाइन भेजने के आदेश जारी कर दिए।
एसएसपी नीरज कुमार जादौन ने कहा कि पुलिस विभाग में अनुशासनहीनता, भ्रष्टाचार या किसी भी प्रकार की अनियमितता को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि मामले की निष्पक्ष विभागीय जांच कराई जा रही है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। यदि जांच में आरोप सिद्ध होते हैं तो संबंधित पुलिसकर्मी के खिलाफ विभागीय नियमों के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
हो रही चर्चा
इस कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। अधिकारियों का कहना है कि विभाग में पारदर्शिता बनाए रखने और जनता का विश्वास मजबूत करने के लिए शिकायतों को गंभीरता से लिया जा रहा है। किसी भी पुलिसकर्मी के खिलाफ शिकायत मिलने पर निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल मामले की जांच जारी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। एसएसपी ने दोहराया कि पुलिस विभाग में ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति के तहत भ्रष्टाचार और अनुशासनहीनता के मामलों में किसी भी तरह की नरमी नहीं बरती जाएगी।