मुरादाबाद में तैनात एक दरोगा फेसबुक फ्रेंडशिप के जाल में फंसकर ठगी का शिकार हो गया। महिला ने पहले सोशल मीडिया पर दोस्ती की, फिर झूठे आरोपों और शिकायतों का डर दिखाकर दरोगा से कई बार में चार लाख रुपये ऐंठ लिए। अब कोर्ट के आदेश पर आरोपी महिला के खिलाफ सिविल लाइंस थाने में केस दर्ज कर लिया गया है।
ये है मामला
जानकारी के अनुसार, पुलिस लाइन में तैनात दरोगा अर्जुन सिंह की पहचान मेरठ की एक महिला से फेसबुक के जरिए हुई थी। महिला ने बार-बार फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजकर दरोगा से संपर्क साधा। कुछ समय तक बातचीत के बाद उसने खुद को परेशान बताते हुए मदद की गुहार लगाई।
पहले उसने कहा कि किसी रेलकर्मी ने नौकरी के नाम पर पैसे ले लिए हैं और उन्हें वापस दिलाने में सहायता चाहिए। बाद में महिला ने निजी और पारिवारिक मामलों का हवाला देकर दरोगा से आर्थिक मदद मांगनी शुरू की।
धीरे-धीरे महिला ने भावनात्मक और प्रशासनिक दबाव डालना शुरू कर दिया। उसने दरोगा को धमकाया कि अगर बात नहीं मानी तो झूठे केस में फंसा देगी और वरिष्ठ अधिकारियों से शिकायत करेगी। इस डर से दरोगा ने कई बार ऑनलाइन ट्रांजेक्शन और नकद रूप में रकम दी — कुल मिलाकर लगभग चार लाख रुपये।
कई जगह दर्ज हैं केस
मामले का खुलासा तब हुआ जब दरोगा को महिला के खिलाफ दिल्ली और अन्य स्थानों पर दर्ज पुराने मुकदमों की जानकारी मिली। जांच में पता चला कि महिला पहले भी इसी तरह कई लोगों को फंसाकर ठगी कर चुकी है।
कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद पुलिस ने महिला के खिलाफ धोखाधड़ी, धमकी और अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। थाना प्रभारी मनीष सक्सेना ने बताया कि पूरे मामले की विवेचना की जा रही है और ठगी के सबूत जुटाए जा रहे हैं।