गोरखपुर जोन में पशु तस्करों पर शिकंजा कसने के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस ने अपनी कार्रवाई और सतर्कता को और तेज कर दिया है। डीआईजी रेंज एस चन्नप्पा के निर्देश पर कुशीनगर और देवरिया जिलों में बिहार सीमा से सटे थाना क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरे लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस को निर्देश दिए गए हैं कि सभी कच्चे-पक्के रास्तों की निगरानी की जाए, जिससे कोई भी संदिग्ध वाहन नजरअंदाज न हो सके।
सभी को बांटी गई जिम्मेदारी
सीओ स्तर के अधिकारियों को निगरानी की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि बीट सिपाहियों को सीमा क्षेत्रों की सूची तैयार कर रिपोर्ट सौंपने और जहां कैमरे नहीं हैं, वहां 48 घंटे के भीतर कैमरे लगाने का आदेश है। जैसे ही पशु तस्करी में इस्तेमाल होने वाले वाहन दिखें, उन्हें रोकने के लिए तत्काल बैरिकेडिंग की व्यवस्था की जाएगी।
सिर्फ डिजिटल निगरानी ही नहीं, बल्कि फील्ड लेवल पर भी यूपी पुलिस सक्रिय है। आरटीओ में पंजीकृत बोलेरो और पिकअप गाड़ियों की कुंडली तैयार की जा रही है। बीट सिपाही इन गाड़ियों के मालिकों से मिलकर उनकी उपयोगिता की जांच कर रहे हैं और गांव वालों से भी पुष्टि की जा रही है। तस्करों द्वारा मॉडिफाई की गई गाड़ियों की पहचान के लिए गैराजों और मैकेनिकों से भी जानकारी जुटाई जा रही है।
नेटवर्क को ध्वस्त करने में जुटी योगी सरकार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर पुलिस, एसटीएफ और गोरखपुर पुलिस की टीमें पशु तस्करों और उनके नेटवर्क को ध्वस्त करने में जुटी हैं। पुलिस का यह समन्वित और तकनीकी रूप से सुसज्जित अभियान तस्करी पर कड़ा प्रहार करने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है।