बरेली। जिले में पुलिस विवेचना की गुणवत्ता सुधारने के लिए शुरू किए गए एसएसपी अनुराग आर्य के दर्पण अभियान का असर दिखने लगा है। अभियान के तहत तीन उपनिरीक्षकों पर कार्रवाई की तलवार लटक गई है। आरोप है कि उन्होंने गंभीर मामलों की विवेचना में लापरवाही बरती और नामजद आरोपितों की गिरफ्तारी तक नहीं की। अब इनकी भूमिका की खुली जांच की जा रही है।
इन दरोगाओं पर होगी जांच
सुभाष नगर थाना क्षेत्र के एक पॉक्सो मामले में पीड़ित पक्ष ने शिकायत दी थी कि एफआईआर दर्ज होने के बावजूद आरोपित आज़ाद घूम रहे हैं। इस पर एसएसपी ने वादी और विवेचक दोनों को बुलाकर पक्ष सुना। जांच में इंस्पेक्टर सुभाष नगर और दारोगा होराम सिंह की भूमिका संदिग्ध पाई गई। दोनों के खिलाफ जांच खोल दी गई है।
इसी तरह शेरगढ़ थाने में दर्ज एक मामले में भी एफआईआर के बाद कार्रवाई न करने का मामला सामने आया। विवेचक दारोगा ने आरोपितों को पकड़ने में रुचि नहीं दिखाई। इस लापरवाही के चलते वह भी जांच के दायरे में आ गए हैं।
आगे होगी सख्त कार्रवाई
एसएसपी अनुराग आर्य ने साफ कहा है कि विवेचना में किसी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषी पाए जाने वाले दारोगाओं पर कठोर कार्रवाई होगी।