उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था एक बार फिर विवादों में घिर गई है। बाराबंकी जिले के कुर्सी थाना क्षेत्र में स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान पुलिस द्वारा की गई एक चौंकाने वाली चूक ने विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस मामले में अब कई पुलिसकर्मियों पर गाज भी गिरी है।
ये था मामला
जानकारी के मुताबिक, 15 अगस्त को थाना कुर्सी में आयोजित कार्यक्रम में जिस व्यक्ति को मुख्य अतिथि बनाकर मंच पर सम्मानित किया गया, वह कोई सामाजिक कार्यकर्ता नहीं, बल्कि आपराधिक मामलों में लिप्त और हाल ही में जेल जा चुका आरोपी निकला। आरोपी का नाम मोहम्मद निजाम बताया जा रहा है, जो टिकैतगंज इलाके का रहने वाला है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, मार्च 2025 में बड्डूपुर पुलिस ने मोहम्मद निजाम को दो अवैध तमंचों और तीन जिंदा कारतूस के साथ गिरफ्तार किया था। उसे जेल भी भेजा गया था। लेकिन, स्वतंत्रता दिवस जैसे संवेदनशील अवसर पर उसी आरोपी को सम्मानित करते हुए जब तस्वीरें सोशल मीडिया पर सामने आईं, तो पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।
फोटो में मोहम्मद निजाम थाना प्रभारी अनिल सिंह को मोमेंटो सौंपते और अन्य पुलिसकर्मियों के साथ सेल्फी लेते नजर आ रहा है। जैसे ही यह मामला सामने आया, स्थानीय लोगों और सोशल मीडिया यूज़र्स ने पुलिस की इस लापरवाही पर जमकर निशाना साधा। गिरफ्तारी के समय की तस्वीरों और अब के समारोह की तस्वीरों की तुलना करते हुए बाराबंकी पुलिस की कार्यशैली को कठघरे में खड़ा किया गया।
एसपी ने की कार्रवाई
एसपी अर्पित विजयवर्गीय ने जानकारी दी कि आरोपी के साथ सेल्फी लेने वाले सिपाही नरेंद्र यादव को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया गया है। इसके अलावा, 10 अन्य पुलिसकर्मियों को चौकी से हटाकर थाने में अटैच कर दिया गया है। हालांकि, थाना प्रभारी या अन्य वरिष्ठ अफसरों पर कोई ठोस कार्रवाई न होने से लोगों में असंतोष बना हुआ है।