उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। गौरीबाजार थाने का जब पुलिस अधीक्षक विक्रांत वीर ने औचक निरीक्षण किया, तो वहां की अव्यवस्था देख वह नाराज हो गए। यह निरीक्षण 27 जुलाई को किया गया था, जिसमें ड्यूटी पर तैनात कई पुलिसकर्मी गैरहाजिर पाए गए। अब एसपी ने मामले में पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की है
15 पुलिसकर्मी मिले अनुपस्थित
एसपी ने थाने पर मौजूद सभी कर्मियों की रोल कॉल कराई, जिसमें 15 पुलिसकर्मी अनुपस्थित मिले। इनमें तीन उपनिरीक्षक, दो मुख्य आरक्षी, सात आरक्षी, एक महिला मुख्य आरक्षी और दो महिला आरक्षी शामिल थीं। थाने के प्रभारी निरीक्षक नंदा प्रसाद ने सभी अनुपस्थित कर्मियों की सूची और उनके स्पष्टीकरण एसपी को सौंपे।
कई ने दिया बहाना
कुछ ने बीमारी, कुछ ने व्यक्तिगत कारण और कुछ ने अन्य कार्य का हवाला दिया। लेकिन एसपी विक्रांत वीर ने इन कारणों को मानने से इनकार करते हुए कहा कि पुलिस सेवा में अनुशासन सर्वोपरि है। उन्होंने साफ कहा, जो काम पर नहीं, उसे वेतन भी नहीं। इसी के तहत अब जाकर सभी 15 पुलिसकर्मियों के वेतन में कटौती के निर्देश जारी किए गए हैं।
एसपी ने यह भी स्पष्ट किया कि पुलिस थानों में अनुशासन बनाए रखना आवश्यक है क्योंकि जनता की सुरक्षा और कानून व्यवस्था इससे सीधे जुड़ी होती है। उन्होंने बताया कि आगे भी अचानक निरीक्षण किए जाएंगे, और जो भी पुलिसकर्मी लापरवाही करता पाया गया, उसके खिलाफ कड़ी विभागीय कार्रवाई तय है।