त्योहारों के सीजन को देखते हुए उत्तर प्रदेश पुलिस ने पूरे प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी है। धनतेरस से लेकर छठ पूजा तक बाजारों, मंदिरों, घाटों और सार्वजनिक जगहों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहेगा। इसके लिए 45 जिलों में 34 कंपनी और एक प्लाटून पीएसी भेजी गई है।
इसलिए किया गया फैसला
पुलिस मुख्यालय के अनुसार त्योहारों के दौरान भीड़ अचानक बढ़ जाती है। लोग खरीदारी, पूजा और दर्शन के लिए बड़ी संख्या में बाहर निकलते हैं। ऐसे में कानून-व्यवस्था बनाए रखना बड़ी चुनौती होती है। इसी को देखते हुए डीजीपी राजीव कृष्ण ने सभी अधिकारियों को फील्ड में सक्रिय रहने के निर्देश दिए हैं। संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले इलाकों में पीएसी जवानों की तैनाती पर खास जोर दिया गया है।
तैनाती के तहत लखनऊ, अलीगढ़ और वाराणसी में दो-दो कंपनी पीएसी लगाई गई है। कानपुर, प्रयागराज, मेरठ, बरेली, गोरखपुर, आजमगढ़ और मुजफ्फरनगर में एक-एक कंपनी भेजी गई है। आगरा और सहारनपुर में एक-एक प्लाटून तैनात की गई है। अन्य जिलों में भी जरूरत के हिसाब से बल बढ़ाया गया है। ये जवान प्रमुख बाजारों, धार्मिक स्थलों, पूजा पंडालों, घाटों और महत्वपूर्ण चौराहों पर ड्यूटी करेंगे। साथ ही नियमित फुट पेट्रोलिंग भी कराई जाएगी।
अयोध्या में दीपोत्सव को लेकर अलग से तैयारी है। वहां सात एएसपी, 20 सीओ और 27 निरीक्षकों के साथ सैकड़ों पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे। पीएसी के अलावा आरएएफ, एटीएस, एनएसजी और एसडीआरएफ की टीमें भी मुस्तैद रहेंगी। चित्रकूट में अमावस्या की भीड़ को देखते हुए तीन कंपनी पीएसी, दो प्लाटून फ्लड रेस्क्यू टीम, बम निरोधक दस्ता और एसडीआरएफ की टीम लगाई गई है। यातायात संभालने के लिए भी अलग से पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं।
छुट्टियों पर भी रोक
सुरक्षा के साथ ही पुलिसकर्मियों की छुट्टियों पर भी रोक लगा दी गई है। 17 नवंबर तक अवकाश नहीं मिलेगा। केवल विशेष परिस्थिति में अधिकारी की अनुमति से ही छुट्टी मिल सकेगी। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद प्रशासन ने भी यही व्यवस्था लागू की है। पुलिस का कहना है कि मकसद यही है कि लोग बिना किसी डर और परेशानी के त्योहार मना सकें।