Varanasi पुलिस कमिश्नरेट में पुलिसकर्मियों के आवास आवंटन और चंद दिनों में ही उसे रद्द कर देना अब चर्चा का विषय बन गया है। एक अधिकारी के आवंटन को दूसरे अधिकारी के आते ही निरस्त करने से महकमे के अंदर ही सवाल उठ रहे हैं। इससे आवंटन पाने वाले पुलिसकर्मियों में भी भारी नाराजगी है।
जानकारी के अनुसार पुलिस लाइन में नवनिर्मित आवासों का आवंटन किया जा रहा है। हाल ही में 26 आवासों की सूची जारी हुई थी। इसमें दो उप निरीक्षक, एक लिपिक बाबू समेत 26 पुलिसकर्मी और कर्मचारियों को आवास दिया जाना था। संबंधित पुलिसकर्मियों का कहना है कि आवंटन पत्र मिलने के बाद उन्होंने अपने पुराने किराए के मकान खाली करने की तैयारी शुरू कर दी थी। कुछ ने तो सामान भी पैक कर लिया था।
प्रभार बदलते ही एक झटके में रद्द हुए सभी आवंटन
तभी कमिश्नरेट में अधिकारियों का प्रभार बदला और नए अधिकारी ने आते ही पुराने सभी 26 आवासों के आवंटन को एक झटके में निरस्त कर दिया। अचानक हुए इस फैसले से बाहर किराए पर रहने वाले पुलिसकर्मियों के सामने असमंजस की स्थिति बन गई है। अब न उन्हें नया आवास मिला और पुराना किराये का मकान भी हाथ से जाता दिख रहा है।
पुलिसकर्मियों का कहना है कि आवास आवंटन में पारदर्शिता होनी चाहिए। अगर आवंटन गलत था तो उसे पहले ही रोका जाना चाहिए था, लेकिन आवंटन देकर तुरंत रद्द करना गलत है। इससे महकमे में नकारात्मक संदेश जा रहा है। वहीं अधिकारियों के तबादले के बीच इस तरह के फैसले से पुलिसकर्मियों का मनोबल भी गिरता है।
पुन: परीक्षण के बाद नई सूची बनेगी
इस मामले में अधिकारियों का कहना है कि आवास आवंटन की प्रक्रिया का पुन: परीक्षण किया जा रहा है। वरिष्ठता और आवश्यकता के आधार पर नई सूची तैयार की जाएगी। हालांकि आवंटन रद्द होने से पुलिस लाइन में नवनिर्मित आवास अभी भी खाली पड़े हैं और पात्र पुलिसकर्मी किराए के मकानों में रहने को मजबूर हैं।