अंबेडकरनगर के अकबरपुर क्षेत्र के बरियावन में 20-21 सितंबर की रात हुए बुलडोजर कांड में पुलिस की कार्रवाई का दायरा बढ़ता जा रहा है। देर रात करीब 50-60 नकाबपोश लोग तीन बुलडोजर लेकर पहुंचे और कई मकान-दुकानों को देखते ही देखते ध्वस्त कर दिया। घटना के सामने आए सीसीटीवी फुटेज के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे, जिसके बाद अब विभागीय स्तर पर बड़ी कार्रवाई की जा रही है।
पांच पुलिसकर्मी हो रहे हैं सस्पेंड
मामले में अकबरपुर कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक संतोष कुमार सिंह समेत पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित किया जा चुका है। पुलिसकर्मियों पर आरोप है कि इतनी बड़ी संख्या में लोगों के बुलडोजर लेकर पहुंचने और देर रात तक तोड़फोड़ किए जाने की जानकारी स्थानीय पुलिस को नहीं हो सकी। इसे ड्यूटी में गंभीर लापरवाही मानते हुए कार्रवाई की गई।
अब इस मामले में सीओ सिटी नितीश कुमार तिवारी पर भी कार्रवाई हुई है। उन्हें पुलिस कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। उनकी जगह आलापुर के सीओ अरुण कुमार नौहवार को सीओ सिटी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं यातायात की जिम्मेदारी संभाल रहे जितेंद्र कुमार सिंह को सीओ आलापुर बनाया गया है।
घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी है। जांच के दौरान तीन बुलडोजर जब्त किए गए हैं और दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज के आधार पर उन नकाबपोश लोगों की पहचान करने में जुटी है, जो रात के अंधेरे में बुलडोजर लेकर पहुंचे थे।
हो रही पहचान
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि पीछे की जमीन तक रास्ता बनाने के लिए मकान और दुकानों को गिराए जाने की बात कही जा रही है। पुलिस जमीन मालिकों की भूमिका की भी जांच कर रही है। वहीं, घटना से जुड़े कुछ कथित ऑडियो और वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुए हैं। कथित ऑडियो में तीन बुलडोजर और तीन लाख रुपये के लेनदेन का जिक्र होने का दावा किया जा रहा है, जबकि एक वीडियो में कुछ लोग लाठी-डंडे लिए नजर आ रहे हैं।
अब पुलिस की जांच का मुख्य फोकस बुलडोजर लेकर पहुंचे लोगों की पहचान, तोड़फोड़ के पीछे की वजह और इस पूरी कार्रवाई में शामिल लोगों की भूमिका तय करने पर है। सीओ स्तर पर हुए फेरबदल और पुलिसकर्मियों के निलंबन के बाद मामले में जवाबदेही तय करने की कार्रवाई और तेज हो गई है।