गोरखपुर में सोशल मीडिया के जरिए महिला पुलिसकर्मी को परेशान किए जाने का मामला सामने आया है। एक महिला आरक्षी के मोबाइल नंबर को कथित तौर पर फर्जी फेसबुक प्रोफाइल पर आपत्तिजनक तस्वीरों के साथ साझा कर दिया गया। इसके बाद उनकी परेशानी इतनी बढ़ गई कि लगातार आने वाले फोन और व्हाट्सऐप संदेशों से बचने के लिए उन्हें अपना मोबाइल बंद करना पड़ा। मामले में पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
ये है मामला
मामला शहर के एक थाने में तैनात 26 वर्षीय महिला सिपाही से जुड़ा है। मूल रूप से बलिया की रहने वाली महिला आरक्षी ने पुलिस को बताया कि 17 अगस्त को ड्यूटी के दौरान उनके फोन पर अचानक अनजान नंबरों से कॉल आने लगीं। शुरुआत में उन्होंने इसे सामान्य कॉल समझा, लेकिन बाद में फोन करने वालों की बातचीत आपत्तिजनक होने लगी। इसके साथ ही व्हाट्सऐप पर भी अश्लील संदेश और तस्वीरें भेजी जाने लगीं।
लगातार कॉल आने के कारण महिला पुलिसकर्मी काफी परेशान हो गईं। एक व्यक्ति से बातचीत के दौरान उन्हें पता चला कि फेसबुक पर उनके नाम से एक फर्जी प्रोफाइल बनाई गई है। आरोप है कि इस प्रोफाइल पर उनकी तस्वीर और मोबाइल नंबर को आपत्तिजनक सामग्री के साथ पोस्ट किया गया था। पोस्ट के जरिए दूसरे लोगों को भी उस नंबर पर फोन करने के लिए उकसाया जा रहा था।
हो रही जांच
जानकारी मिलने के बाद महिला आरक्षी ने पूरे मामले की शिकायत थाना प्रभारी से की। पुलिस ने शिकायत के आधार पर 3 सितंबर को मुकदमा दर्ज किया। मामले की विवेचना थाने में तैनात एक दरोगा को सौंपी गई है।
पुलिस अब उस फर्जी फेसबुक अकाउंट के पीछे मौजूद व्यक्ति तक पहुंचने के लिए डिजिटल साक्ष्य जुटा रही है। प्रोफाइल की आईडी, URL, उससे जुड़े मोबाइल नंबर और अन्य तकनीकी जानकारी की जांच की जा रही है। सोमवार को कुछ संदिग्ध लोगों से पूछताछ किए जाने की भी जानकारी सामने आई है।
जांच के दौरान मामला पारिवारिक जमीन विवाद से जुड़ा होने की आशंका भी जताई जा रही है। पुलिस को शक है कि महिला सिपाही के पटीदारों में से किसी की भूमिका हो सकती है। हालांकि अभी किसी व्यक्ति को आरोपी घोषित नहीं किया गया है। पुलिस सभी संभावित पहलुओं की जांच कर रही है और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।