बस्ती में दरोगा की आत्महत्या का हनीट्रैप कनेक्शन, महिला समेत तीन गिरफ्तार

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बस्ती में वाल्टरगंज थाने के प्रभारी रहे सूर्य प्रकाश सिंह की आत्महत्या के मामले में पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। पुलिस के मुताबिक, दरोगा कथित तौर पर हनीट्रैप और ब्लैकमेलिंग के जाल में फंस गए थे। एक महिला से बातचीत के बाद शुरू हुआ सिलसिला कथित तौर पर धमकी और पैसों की मांग तक पहुंच गया। पुलिस का दावा है कि लगातार मानसिक दबाव के चलते सूर्य प्रकाश सिंह ने 29 अगस्त को फांसी लगाकर जान दे दी।

जांच के दौरान पुलिस ने कॉल डिटेल और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की पड़ताल की। पुलिस के अनुसार, आत्महत्या वाले दिन दोपहर 1:41 बजे वकील विजय प्रकाश ने दरोगा को फोन किया था। इसके बाद सूर्य प्रकाश सिंह ने कलेक्ट्रेट परिसर स्थित अपने सरकारी आवास में आत्मघाती कदम उठा लिया।

महिला ने पहले बढ़ाई नजदीकी, फिर शुरू हुई ब्लैकमेलिंग

पुलिस के अनुसार, मामले की मुख्य आरोपी प्रियंका चौधरी ने वीडियो कॉल और चैट के जरिए सूर्य प्रकाश सिंह से संपर्क बढ़ाया था। पुलिस का आरोप है कि बाद में निजी बातचीत और वीडियो को आधार बनाकर दरोगा को डराया-धमकाया गया और उनसे लगातार रुपये मांगे गए।

जांच में पुलिस को यह भी पता चला कि प्रियंका के साथ उसका पिता रामनयन चौधरी और वकील विजय प्रकाश यादव भी कथित तौर पर इस पूरे खेल में शामिल थे। पुलिस का दावा है कि वकील पीड़ितों को कानूनी कार्रवाई का डर दिखाने और दबाव बनाने की भूमिका निभाता था।

कई लोगों को निशाना बनाने का पुलिस का दावा

पुलिस के मुताबिक, पूछताछ और जांच में गिरोह द्वारा पहले भी कई लोगों से पैसे वसूलने की जानकारी सामने आई है। एक डॉक्टर से चार लाख, ड्राइवर से पांच लाख और मध्य प्रदेश के एक कारोबारी से 15 लाख रुपये लिए जाने का दावा किया गया है। पुलिस अब इस नेटवर्क के संपर्क में आए अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही है।

दरोगा के बेटे संदीप सिंह की शिकायत पर 5 सितंबर को कोतवाली बस्ती में मुकदमा दर्ज किया गया था। इसके बाद पुलिस ने प्रियंका चौधरी, रामनयन चौधरी और विजय प्रकाश यादव को गिरफ्तार कर लिया। तीनों को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया।

बस्ती मंडल के डीआईजी संजीव त्यागी के मुताबिक, मामले में दर्जनों अन्य संभावित पीड़ितों के बारे में भी जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि अब तक सामने आए साक्ष्यों के आधार पर ब्लैकमेलिंग की बात सामने आई है और इसी मानसिक प्रताड़ना को दरोगा की आत्महत्या से जोड़कर जांच की जा रही है।

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