लखनऊ। उत्तर प्रदेश पुलिस में मृतक आश्रित कोटे से दरोगा और सिपाही बनने के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों को जल्द ही शारीरिक दक्षता परीक्षा यानी दौड़ में राहत मिल सकती है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को होने वाली कैबिनेट बैठक में मृतक आश्रित कोटे की भर्ती नियमावली में संशोधन के प्रस्ताव पर मुहर लगने की संभावना है। गृह विभाग की ओर से तैयार किए गए इस प्रस्ताव में महिला और पुरुष अभ्यर्थियों को उनकी उम्र के आधार पर अलग-अलग श्रेणियों में रखकर दौड़ परीक्षा में विशेष छूट देने का प्रावधान किया जा सकता है।
इसलिए लिया जा सकता है फैसला
दरअसल, मृतक आश्रित कोटे में ऐसे अभ्यर्थी भी आवेदन करते हैं, जिनकी उम्र सामान्य पुलिस भर्ती में आवेदन करने वाले उम्मीदवारों की तुलना में अधिक होती है। उम्र अधिक होने के कारण कई अभ्यर्थियों के लिए निर्धारित समय में दौड़ पूरी करना मुश्किल हो जाता है। खासतौर पर महिला आवेदकों को शारीरिक दक्षता परीक्षा के दौरान कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
इसी को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ने करीब दो वर्ष पहले पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर मृतक आश्रितों को राहत देने की घोषणा की थी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को भर्ती प्रक्रिया को अधिक मानवीय और व्यावहारिक बनाने के लिए नियमों में जरूरी बदलाव करने के निर्देश दिए थे।
अब गृह विभाग ने इस दिशा में नियमावली में संशोधन का प्रस्ताव तैयार किया है। प्रस्ताव में उम्र के अनुसार दौड़ के मानकों में बदलाव किए जाने की बात है। यानी अधिक उम्र के अभ्यर्थियों को उनकी आयु वर्ग के आधार पर दौड़ में निर्धारित मानकों में राहत मिल सकती है। हालांकि अंतिम प्रावधान कैबिनेट की मंजूरी के बाद ही स्पष्ट होंगे।
मिलेगी राहत
इस बदलाव से मृतक पुलिसकर्मियों के आश्रितों को भर्ती प्रक्रिया में बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। सरकार का उद्देश्य मृतक आश्रितों को नौकरी देने की प्रक्रिया को अधिक व्यावहारिक और मानवीय बनाना है, ताकि केवल शारीरिक दक्षता के मौजूदा मानकों के कारण पात्र अभ्यर्थी अवसर से वंचित न हों।