मेरठ में किसान नेता दिग्विजय भाटी के साथ कथित मारपीट का मामला अब पुलिस विभाग के उच्च स्तर तक पहुंच गया है। एडीजी ने पूरे घटनाक्रम की जांच कराने का फैसला लिया है। सहारनपुर रेंज के डीआईजी अभिषेक सिंह को जांच अधिकारी बनाया गया है। उन्हें मामले से जुड़े आरोपों, पुलिस की कार्रवाई और घटनाक्रम के दौरान हुई पूरी गतिविधि की पड़ताल करनी होगी।
ये था मामला
मामला उस समय सामने आया जब भारतीय किसान यूनियन बीआर अंबेडकर के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिग्विजय भाटी पुलिस अधिकारियों से मिलने मेरठ एसएसपी कार्यालय पहुंचे थे। भाटी का आरोप है कि वह एक गैंगस्टर मामले को लेकर अपनी बात रखने गए थे। इसी दौरान उन्हें हिरासत में ले लिया गया। किसान नेता ने पुलिसकर्मियों पर मारपीट करने और बाद में एसओजी कार्यालय ले जाकर थर्ड डिग्री देने का आरोप लगाया।
भाटी के साथ मौजूद मोहित जाटव ने भी पुलिस पर मारपीट का आरोप लगाया है। किसान नेता का दावा है कि पिटाई के दौरान उनकी आंख में चोट लगी और खून निकल आया। घटना के बाद उनका मेडिकल भी कराया गया। मामले के सामने आने के बाद यह सवाल उठने लगा कि पुलिस कार्यालय में हिरासत की कार्रवाई के दौरान आखिर क्या हुआ था।
मामले की जांच करेंगे डीआईजी
अब पूरे मामले की जांच डीआईजी अभिषेक सिंह करेंगे। जांच के दौरान पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के बयान लिए जाने के साथ-साथ उपलब्ध साक्ष्यों और घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों को देखा जा सकता है। एसएसपी कार्यालय से लेकर एसओजी कार्यालय तक हुई कार्रवाई भी जांच के दायरे में रहेगी।
इस बीच शासन ने अविनाश पांडेय को मेरठ एसएसपी के पद से हटा दिया है। उन्हें लखनऊ स्थित पुलिस मुख्यालय से संबद्ध किया गया है। उनकी जगह बीबीजीटीएस मूर्ति को मेरठ का नया एसएसपी बनाया गया है। अब सबकी नजर डीआईजी की जांच पर है। रिपोर्ट से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि किसान नेता के लगाए आरोपों में कितनी सच्चाई है और पुलिस की ओर से की गई कार्रवाई किन परिस्थितियों में हुई।