वाराणसी। शहर में अपराध नियंत्रण और लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण को लेकर पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने शनिवार को कैंप कार्यालय में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने साफ कहा कि किसी भी आपराधिक मामले की विवेचना 30 दिन से अधिक लंबित नहीं रहनी चाहिए। लंबित प्रकरणों का तय समय के भीतर निस्तारण करते हुए जांच की गुणवत्ता बनाए रखने के भी निर्देश दिए।
इन मामलों में दिए गए निर्देश
समीक्षा के दौरान जघन्य अपराधों, गैंगस्टर, गोवध और एनडीपीएस अधिनियम के मामलों की प्रगति पर चर्चा हुई। साथ ही ई-समन, ई-नोटिस, ई-वारंट और ई-साक्ष्य की वर्तमान स्थिति का भी आकलन किया गया। पुलिस आयुक्त ने गैर-जमानती वारंटों के निष्पादन में तेजी लाने के लिए तीन दिवसीय विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए, ताकि फरार आरोपितों की गिरफ्तारी सुनिश्चित की जा सके।
मोहित अग्रवाल ने कहा कि मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ लगातार प्रभावी कार्रवाई जारी रखी जाए। उन्होंने डिजिटल साक्ष्यों को समय पर अपलोड करने और जांच में तकनीकी संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल पर भी जोर दिया।
न बरती जाए लापरवाही
महिला सुरक्षा को लेकर उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि महिला अपराधों के मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए। शिकायत मिलते ही तत्काल एफआईआर दर्ज की जाए, निष्पक्ष विवेचना हो और आरोपितों के खिलाफ समयबद्ध कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
आगामी त्योहारों को देखते हुए पुलिस आयुक्त ने संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सतर्कता बरतने, नियमित गश्त बढ़ाने, पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के निर्देश दिए। बैठक में अपर पुलिस आयुक्त (कानून-व्यवस्था एवं मुख्यालय) शिवहरी मीणा सहित सभी राजपत्रित अधिकारी मौजूद रहे, जबकि जिले के सभी थाना प्रभारी गूगल मीट के माध्यम से समीक्षा बैठक से जुड़े।