नई दिल्ली: ‘चलो संसद’ मार्च और जंतर-मंतर पर जारी छात्र प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा को लेकर दिल्ली पुलिस ने अपना विस्तृत पक्ष रखा है। पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान कई मौकों पर हालात अचानक बेकाबू हुए और कुछ लोगों ने सुरक्षाकर्मियों को निशाना बनाते हुए हमला किया। पुलिस का दावा है कि कई जवानों के साथ मारपीट की गई, उन पर पथराव हुआ, मिर्ची स्प्रे का इस्तेमाल किया गया और कुछ मामलों में लूटपाट की घटनाएं भी सामने आई हैं।
इंस्पेक्टर ने दी जानकारी
प्रदर्शन में तैनात इंस्पेक्टर नंदकिशोर ने बताया कि शुरुआत में माहौल सामान्य था, लेकिन जैसे ही भीड़ पुलिस के संपर्क में आई, कुछ लोग आक्रामक हो गए। उनके अनुसार, कई प्रदर्शनकारी लाठी-डंडों से लैस थे और उन्होंने पुलिस पर हमला शुरू कर दिया। इस दौरान उनके सिर पर चोट आई और गले में पहनी करीब दो तोले की सोने की चेन भी छीने जाने का आरोप उन्होंने लगाया है।
वहीं, एसीपी विजय सिंह ने बताया कि 20 जुलाई को हुए प्रदर्शन के दौरान उनकी टीम पर मिर्ची स्प्रे फेंका गया। उनका कहना है कि इस वजह से पुलिसकर्मियों को कुछ देर तक स्थिति संभालने में दिक्कत हुई। उन्होंने यह भी कहा कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में दिख रहा पुलिसकर्मी भीड़ के बीच अकेला पड़ गया था, जिसके बाद कुछ लोगों ने उसे घेरकर पीटा। अन्य सुरक्षाकर्मियों ने मौके पर पहुंचकर उसे सुरक्षित बाहर निकाला।
एसीपी भी घायल
दिल्ली पुलिस ने यह भी जानकारी दी कि पंजाबी बाग के एसीपी जय प्रकाश पथराव में घायल हुए। पुलिस के मुताबिक, उनके माथे पर पत्थर लगने के बाद उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया। इसके अलावा कई अन्य पुलिसकर्मियों को भी ड्यूटी के दौरान चोटें आईं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरी कार्रवाई कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए की जा रही थी। अब प्रदर्शन के दौरान सामने आए वीडियो, सीसीटीवी फुटेज और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जिन लोगों की पहचान हिंसा, सरकारी कर्मचारियों पर हमले या सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के मामलों में होगी, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।