गोरखपुर: प्रदेश में कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस ने थानों की निगरानी व्यवस्था में नया बदलाव किया है। अब राज्य के प्रत्येक थाने में एक गोपनीय डायरी रखी जाएगी, जिसमें क्षेत्र में होने वाली संवेदनशील गतिविधियों और उनके बारे में जुटाई गई सूचनाओं का नियमित रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। इसका उद्देश्य संभावित विवाद या अशांति की आशंका होने से पहले ही संबंधित सूचनाओं को उच्च स्तर तक पहुंचाना है।
हर हफ्ते तैयार होगी रिपोर्ट
नई व्यवस्था के तहत प्रत्येक थाना अपने क्षेत्र से जुड़ी साप्ताहिक गोपनीय रिपोर्ट तैयार करेगा। इन रिपोर्टों में ऐसे व्यक्तियों, समूहों और संगठनों से संबंधित जानकारियां शामिल की जाएंगी, जो पुलिस के प्रारंभिक आकलन के अनुसार सांप्रदायिक या जातीय तनाव, मतांतरण, अति-वामपंथी गतिविधियों अथवा कट्टरपंथी नेटवर्क से जुड़े मामलों में सक्रिय हो सकते हैं। इन सूचनाओं का संकलन स्थानीय अभिसूचना इकाई (एलआईयू) करेगी।
एलआईयू द्वारा तैयार की गई समेकित रिपोर्ट प्रत्येक माह की पांच तारीख तक संबंधित एडीजी जोन के माध्यम से पुलिस मुख्यालय भेजी जाएगी। इसके साथ ही रिपोर्ट की एक प्रति आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) को भी उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि जरूरत पड़ने पर विभिन्न एजेंसियां समय रहते समन्वित कार्रवाई कर सकें।
अफसरों को मिले निर्देश
इस संबंध में आईजी कानून-व्यवस्था एल.आर. कुमार ने प्रदेश के सभी पुलिस आयुक्तों, जोनल एडीजी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों और पुलिस अधीक्षकों को निर्देश जारी किए हैं। अधिकारियों से कहा गया है कि व्यवस्था का प्रभावी ढंग से पालन सुनिश्चित किया जाए। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि थाना स्तर पर नियमित सूचना संकलन की यह प्रणाली संभावित संवेदनशील मामलों की समय रहते पहचान करने में सहायक होगी। इससे किसी भी स्थिति के गंभीर रूप लेने से पहले आवश्यक सतर्कता और प्रशासनिक कार्रवाई की जा सकेगी तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने में मदद मिलेगी।