कौशाम्बी में पुलिस अधीक्षक सत्यनारायण प्रजापत ने भ्रष्टाचार और अवैध खनन से जुड़ी शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। रविवार को जारी आदेश के तहत जिले के विभिन्न थानों में लंबे समय से तैनात 20 पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से पुलिस लाइन स्थानांतरित (लाइन हाजिर) कर दिया गया। सभी पुलिसकर्मियों को अपना वर्तमान कार्यभार तत्काल छोड़कर पुलिस लाइन में योगदान देने के निर्देश दिए गए हैं।
ये है लिस्ट
लाइन हाजिर किए गए पुलिसकर्मियों में मुख्य आरक्षी अंकुर तिवारी (मंझनपुर), आरक्षी विकास (मंझनपुर), रितेश मौर्य (करारी), गोविंद शर्मा (मोहब्बतपुर पइंसा), ईश्वरचन्द्र यादव, अभिषेक यादव और पुष्पेन्द्र (महेवाघाट), सचिन (कौशाम्बी), आकाश दुबे (सैनी), रिंकू कुमार सिंह और बृजेश (कड़ाधाम), शिवजीत सिंह और पंकज कुमार (कोखराज), मुख्य आरक्षी पंकज सिंह कुंवर और आरक्षी योगेश (सराय अकिल), शिवम सिंह (पिपरी), नीरज यादव और मुख्य आरक्षी अनिरुद्ध सिंह (संदीपनघाट), मुख्य आरक्षी नफीस तथा आरक्षी देवव्रत (चरवा) शामिल हैं।
एसपी ने कहा ये
पुलिस अधीक्षक सत्यनारायण प्रजापत ने स्पष्ट संदेश दिया है कि भ्रष्टाचार, अवैध खनन या किसी भी प्रकार की अनियमितता में संलिप्त पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि जनपद में पारदर्शी, निष्पक्ष और जवाबदेह पुलिस व्यवस्था स्थापित करना उनकी प्राथमिकता है। जनता से मिलने वाली शिकायतों पर तत्काल जांच कर प्रभावी कार्रवाई की जाएगी और दोषी पाए जाने वाले किसी भी कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा।
एसपी की इस बड़ी कार्रवाई के बाद पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में पुलिस विभाग में अनुशासन, जवाबदेही और कार्यप्रणाली को मजबूत करने के लिए ऐसे और भी सख्त कदम उठाए जा सकते हैं। प्रशासन का कहना है कि कानून व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने और जनता का भरोसा कायम रखने के लिए भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी।