कानपुर में अपराध नियंत्रण को लेकर पुलिस की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। शहर में लूट, डकैती, स्नेचिंग और चोरी जैसी घटनाओं में शामिल करीब 292 अपराधी पुलिस की निगरानी से बाहर बताए जा रहे हैं। यह स्थिति तब सामने आई है जब पुलिस द्वारा अपराधियों पर नजर रखने के लिए हाईटेक सिस्टम और “यक्ष एप” जैसी तकनीक के इस्तेमाल का दावा किया जा रहा है। इसके बावजूद इतनी बड़ी संख्या में अपराधियों का लापता होना व्यवस्था की कमजोरी को उजागर कर रहा है।
इस मामले ने बढ़ाई चिंता
हाल ही में रतनलाल नगर क्षेत्र में दिनदहाड़े हुई हत्या की घटना ने पुलिस की चिंता और बढ़ा दी है। आशंका जताई जा रही है कि इस वारदात में भी उन्हीं फरार अपराधियों का हाथ हो सकता है जो पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। स्थिति को गंभीर मानते हुए पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने “ऑपरेशन शिनाख्त” शुरू किया है, जिसके तहत सभी थानों को लापता अपराधियों की तलाश की जिम्मेदारी दी गई है।
आंकड़ों के अनुसार, कमिश्नरी के चारों जोन में कुल 4436 अपराधी चिन्हित हैं, जिनमें से 292 का कोई पता नहीं है। इनमें दक्षिण जोन सबसे अधिक प्रभावित है, जहां बड़ी संख्या में अपराधी सक्रिय थे और अब कई गायब बताए जा रहे हैं।
पुलिस कर रही तलाश
पुलिस अब इन अपराधियों के फोटो और विवरण आसपास के जिलों में भेजकर उनकी तलाश कर रही है। साथ ही पुराने मामलों और जेल से छूटे अपराधियों की गतिविधियों पर भी कड़ी नजर रखी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि लापता अपराधियों की जल्द पहचान कर सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि शहर में कानून-व्यवस्था को मजबूत किया जा सके।