उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में एक महिला पुलिसकर्मी द्वारा थाना परिसर के अंदर रील बनाने का मामला चर्चा का विषय बन गया है। आरोप है कि महिला पुलिसकर्मी ने पुलिस विभाग की सोशल मीडिया पॉलिसी का उल्लंघन करते हुए थाने में बने मिशन शक्ति केंद्र के अंदर वीडियो बनाकर उसे सोशल मीडिया पर साझा किया। मामले के सामने आने के बाद विभागीय स्तर पर जांच तो हुई, लेकिन कड़ी कार्रवाई के बजाय केवल लिखित चेतावनी देकर मामला निपटा दिया गया।
कहां तैनात है महिला सिपाही
जानकारी के मुताबिक संबंधित महिला पुलिसकर्मी बिनावर थाने में तैनात है। सोशल मीडिया पर रील वायरल होने के बाद पुलिस विभाग के नियमों के पालन को लेकर सवाल उठने लगे। खास बात यह है कि 15 मई को एडीजी लॉ एंड ऑर्डर अमिताभ यश ने सोशल मीडिया पॉलिसी को लेकर सख्त निर्देश जारी किए थे। उन्होंने स्पष्ट कहा था कि पुलिसकर्मी वर्दी, कार्यालय या सरकारी परिसर का उपयोग कर सोशल मीडिया कंटेंट बनाने से बचें और नियमों के उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई की जाए।
इसके बावजूद बदायूं में सामने आए इस मामले में केवल चेतावनी दिए जाने से विभागीय कार्रवाई की गंभीरता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। पुलिस विभाग की सोशल मीडिया पॉलिसी-2023 के तहत ड्यूटी स्थल, थाने या सरकारी परिसरों में रील और वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर प्रसारित करने को अनुशासनहीनता की श्रेणी में माना गया है।
दिए गए निर्देश
मामले को लेकर यह चर्चा भी तेज हो गई है कि जब वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जा चुके हैं, तब उनके अनुपालन में ढिलाई क्यों बरती जा रही है। हालांकि विभागीय अधिकारियों का कहना है कि महिला पुलिसकर्मी को लिखित चेतावनी जारी कर भविष्य में ऐसी गतिविधियों से दूर रहने के निर्देश दिए गए हैं।
फिलहाल यह मामला पुलिस महकमे में सोशल मीडिया के बढ़ते इस्तेमाल और उससे जुड़े अनुशासन के मुद्दे को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ले आया है। विपक्षी दलों और स्थानीय लोगों के बीच भी इस कार्रवाई को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।